bhaskar Web English
HomeNewsMetrosIndore Indore

ख्वाबों की सड़क अव्यवस्था के गड्ढे

इंदौर. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होने वाली है, इंदौर को रीयल स्टेट हब बनाने की तैयारी है, पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को फिर चमन करना है लेकिन इन स्वप्निल योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए कोई ‘रोडमैप’ नहीं। जब ‘रोड ही नहीं तो मैप कैसा?’

हकीकत तो यह है कि इंदौर तक आने वाली सभी सड़कें बदतर हैं। अनेक स्थानों पर तो सिर्फ गड्ढे ही बचे हैं, सोचने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है। अब जरूरत है कुछ कर गुजरने की.. अन्यथा अव्यवस्थाओं के इन हिचकोलों में कहीं सुनहरे ख्वाब चूर-चूर ना हो जाएं..।

प्रमुख मार्गो में भी बड़े-बड़े गड्ढे
marg शहर तक पहुंचने वाली सड़कों के साथ ही भीतरी सड़कें भी बदहाल हैं। पश्चिमी रिंगरोड और एमआर-१क् ही नहीं ६क् फीसदी से ज्यादा प्रमुख मार्गो की हालत खस्ता है। साल की शुरुआत में ३.५ करोड़ से ज्यादा खर्च करने के बाद भी निगम इन्हें नहीं सुधार पाया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के चलते कुछ सड़कें जरूर व्यवस्थित की जा रही हैं। बकाया में से कुछ को मुरम का मरहम लगाकर छोड़ दिया।

प्रमुख मार्ग- कितने खराब
सुभाष मार्ग- बड़ा गणपति से इमली बाजार चौराहा तक सड़क कम, गड्ढे ज्यादा हैं।
एमआर-10 (रिंगरोड से स्वास्थ्यनगर पुलिया)- फॉच्यरून लैंडमार्क से विजयनगर का हिस्सा छोड़कर पूरी सड़क बदहाल।
व्यास पुल-लाबरिया भेरू- पंचकुइया से बड़ा गणपति तक हालत खस्ता।
मालवा मिल से पाटनीपुरा और महूनाका-फूटी कोठी- सड़क कम गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं।
एमजी रोड- एमटीएच कंपाउंड के सामने, राजबाड़ा से खजूरी बाजार और गौराकुंड के बीच गड्ढे ज्यादा।
उज्जैन रोड - बाणगंगा रेलवे क्रॉसिंग से भौरासला के बीच सड़क उखड़ी। पीडब्ल्यूडी ने 15 दिन पहले ही डाली मुरम।

अब बेस भी गायब
base अरविंद तिवारी.

सड़कों के गड्ढों के लिए कुख्यात मालवा-निमाड़ अंचल में अब सड़क ही गायब होने लगी है। उनकी ऊपरी सतह (सरफेस) ठीक होने का इंतजार कर रहे लोग अब आधार (बेस) ही गायब होने पर सिर पीट रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग और महू-नीमच प्रादेशिक राजमार्ग से गुजरने वालों ने रास्ता ही बदल लिया है। इसका असर सरकार के खजाने पर पड़ने लगा और नयागांव बैरियर की आय एक महीने में 46 प्रतिशत तक गिर गई।

इंदौर-मुंबई मार्ग
आगरा-मुंबई राजमार्ग के इंदौर-सेंधवा हिस्से में दोतरफा परेशानी है। सड़क तो खराब है ही। फोरलेन के काम के चलते यात्रा बहुत कष्टप्रद हो गई है। मानपुर से सेंधवा के बीच हालत सबसे ज्यादा खस्ता है। इंदौर से महाराष्ट्र जाने वाले अब सेंधवा के बजाय बुरहानपुर-शाहपुर के रास्ते आगे बढ़ रहे हैं। इसका असर सेंधवा बैरियर की आय पर भी पड़ा है।

इंदौर से उज्जैन व धार
इंदौर से उज्जैन व धार की सड़क इतनी खस्ताहाल है कि 55-60 किमी दूरी तय करने में ढाई घंटे तक लग रहे हैं। टोल टैक्स वसूली समाप्त होने के बाद उज्जैन रोड का विकास सड़क विकास निगम को करना है लेकिन मौजूदा हालात से सहमे निगम ने लोक निर्माण विभाग से कहा है पहले सड़क दुरुस्त करे फिर नवीनीकरण शुरू करेंगे।

ऐसी ही हालत धार रोड की है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने वाले उद्योगपतियों को सरकार उज्जैन, मांडू व पीथमपुर ले जाना चाहती है इसलिए इसी सप्ताह इन सड़कों की मरम्मत शुरू की गई है।

जिम्मेदार बोले- सुधार जल्द दिखेगा
इंदौर-धार व इंदौर-उज्जैन सड़क की मरम्मत शुरू >> महू-नीमच मार्ग के लेबड़-नयागांव हिस्से को फोरलेन करने के टेंडर हो गए हैं। काम जनवरी-फरवरी में शुरू होगा। इसके पहले इसे कैसे सुधारें इसके लिए मैं और सड़क विकास निगम के मुख्य महाप्रबंधक सोमवार को संयुक्त दौरा करेंगे।
पी.सी. अग्रवाल, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी इंदौर

सुधरने में समय लगेगा
कन्नौद से नेमावर तक 30 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण और मौजूदा सड़क की मरम्मत चल रही है जिस पर 12 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

>> आगरा-मुंबई राजमार्ग का इंदौर-खलघाट का हिस्सा फोरलेन करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को दिया जा चुका है। खलघाट से बिजासन घाट तक के टेंडर भी हो चुके हैं। तीन-चार महीने में यहां भी काम शुरू हो जाएगा। यह काम भी एनएचएआई द्वारा किया जाएगा।
- एच.एस.अवस्थी, कार्यपालन यंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग इंदौर डिवीजन





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड:
 

आपके विचार
Santosh Yadav
Friday, 12th Oct 2007, 15:29
gaddhe kahan se bharenge jab road ke liye jitna paisa milta hai usmen se adhikariyon ke pet to bhar nahi pate hain gaddhe kaise bhar sakte hain. gaddhe bhar sakte hain lekin ushke liye bhapur tarah se adhikariyon ke pet bhar do gaddhe khud bhar jayenge. adhikariyon ke ghar ke saamne aapko jitne idhar udhar gaddhe dikh rahe hain usse jyada gaddhe unke ghar ke saamne kar do dusre gaddhe bhar jayenge agar gaddhe nahi bhare to ye to pata chal hi jayega ki dusre gaddhe kaise nahi bhare aur ye kaise bhar gaye
Indorian
Friday, 12th Oct 2007, 15:35
Please improve the quality of roads. Don't give the work to same builder who have build the road. Privatise it. Government employee are not reliable. Only intrested in bribe. PRIVATISATION IS THE ONLY SOLUTION. Give the road to private company to build and maintain otherwise each year lot of money will be wasted on road and condition will not improve.