जयपुर. गंगापुरसिटी के नयागांव और रेंडायल गांव में रविवार को गुर्जर-मीणा समुदायों ने एक-दूसरे के लोगों को बंधक बना लिया। दोनों गांवों में समाजों की पंचायतें हुईं और परस्पर खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए गए।
कलेक्टर एस.पी. के हस्तक्षेप के बाद ही बंधकों की फिल्मी अंदाज में अदला-बदली की गई। दोनों गांवों में शनिवार से ही तनाव बना हुआ है। मीणा समाज के नेता और पूर्व जिला प्रमुख पंखीलाल मीणा और हरसहाय कैमला ने बताया कि शनिवार को नया गांव सरपंच का पुत्र भूरा मीणा और उसके तीन-चार साथियों से चांदनगांव के पास मारपीट की गई।
पुलिस के संयोगवश वहां पहुंचने से ये लोग बच गए। इसके बाद इनसे पुन: मारपीट की गई, लेकिन इस बार गांव वालों ने उन्हें बचा लिया और हमलावरों में से रामवीर गुर्जर को पकड़कर बंधक बना लिया।
गंगापुर के एसडीओ प्रवीण लेखरा, पुलिस उपाधीक्षक संजीव नयन सहित अधिकारियों ने नयागांव पहुंच कर पंचायत कर रहे लोगों से रामवीर गुर्जर को छोड़ने का आग्रह किया। इस पर मीणा इस बात पर अड़ गए कि कलेक्टर और एसपी के मौके पर आए बिना रामवीर को नहीं छोड़ेंगे।
बाद में जिला कलेक्टर देवाशीष पृष्टि और एसपी जॉस मोहन, एडीएम विश्राम मीणा वहां पहुंचे। कलेक्टर-एसपी के समझाने पर मीणा रामवीर गुर्जर को छोड़ने को तो तैयार हो गए, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि पहले नादौती के कैमरी गांव के गुर्जरों के कब्जे से अमरसिंह मीणा को मुक्त कराया जाए।
इस पर जिला कलेक्टर ने करौली के प्रशासनिक अधिकारियों से बात करके पंचों से कहा कि अमरसिंह सुरक्षित है। उसे पुलिस की निगरानी में जल्द ही घर भेज दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद मीणाओं ने रामवीर गुर्जर को सभा में बुलाया और परिजनों से फोन पर बात करवाई। बाद में पुलिस इंतजाम के बीच रामवीर को वजीरपुर थाने लाया गया।
दोनों समुदाय संयम बरतें : कलेक्टर
>> एक-दूसरे समुदायों से मारपीट करना और बंधक बनाने जैसी घटनाएं न तो किसी समाज के हित में हैं और न ही प्रदेश के। इस तरह की घटनाओं से सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है। दोनों समुदायों को संयम से काम लेना चाहिए। पूरे मामले में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-देवाशीष पृष्टि, जिला कलेक्टर, सवाई माधोपुर