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गुर्जरों ने पटरियां उखाड़ीं

विभिन्न अंचलों से. track जनजाति में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जरों और पुलिस के बीच रविवार को गंगापुरसिटी में टकराव हो गया। हिंडौनसिटी में रेल की पटरियां उखाड़ दी र्गई। दिल्ली और मुंबई से आने वाली गाड़ियों पर इसका असर पड़ा। कई गाड़ियों के मार्ग बदल दिए गए, जबकि एक ट्रेन रद्द कर दी गई। गुर्जर महिलाओं ने करौली, हिंडौन और जयपुर में प्रदर्शन कर चक्काजाम किया।

जयपुर की अचरोल अस्थायी जेल में गुर्जर बंदियों के पथराव से एक जवान घायल हो गया। गंगापुरसिटी में बाजार बंद कराने आई गुर्जरों की भीड़ और पुलिस में उस समय टकराव हो गया, जब पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बल प्रयोग किया।

इस पर गुस्साए गुर्जरों ने पुलिस पर पथराव किया। बाजार में काफी समय तक अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल रहा। हिंडौनसिटी के सूरौठ में आंदोलनकारी गुर्जरों ने रविवार को फतेहसिंहपुरा रेलवे स्टेशन से तीन किलोमीटर आगे कारवाड़ी गांव (बयाना तहसील) के पास रेल पटरियां उखाड़ दीं।

रेल यातायात बाधित
गुर्जरों के रेल पटरियां उखाड़ने से रेल यातायात बाधित हो गया। रेलवे के सीनियर डीसीएम सुनील कुमार ने बताया कि घटना के बाद अवध एक्सप्रेस को सवाई माधोपुर में ही रोक लिया गया। बांद्रा से देहरादून जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को रूठियाई खंड से होकर निकाला गया।

दिल्ली से आने वाली गरीबरथ, निजामुद्दीन बांद्रा, अगस्त क्रांति, राजधानी एक्सप्रेस और दिल्ली से मुंबई जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस को मार्ग बदलकर बीना से निकाला गया। दिल्ली से मुंबई जाने वाली ट्रेनों का मार्ग बदलने से यात्रियों को करीब 300 किलोमीटर दूरी ज्यादा तय करनी पड़ रही है। ट्रेनों का मार्ग बदलने से बड़ी संख्या में यात्रियों ने टिकट निरस्त कराया है।

रविवार को कोटा रेलवे स्टशन पर टिकट निरस्त करवाने और गाड़ियों की जानकारी लेने वालों की लंबी कतारें लग रहीं। हिंडौनसिटी स्टेशन अधीक्षक एस.एस. मीणा के अनुसार आंदोलनकारियों के कारण मथुरा-सवाई माधोपुर पैसेंजर ट्रेन को रद्द करना पड़ा और कुछ गाड़ियों को रोकना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने यहां दिल्ली से आ रही एक मालगाड़ी को रोककर उसमें तोड़फोड़ की। गुर्जरों ने सूरौठ-बयाना मार्ग पर भी चक्काजाम किया। हिंडौन में पांचवें दिन भी रोडवेज बसें बंद रहीं।

इधर, पुरुषों के साथ अब महिलाओं ने आंदोलन का मोर्चा संभाल लिया है। हिंडौन के कंजोली, जयपुर के फागी रेनवाल, अजमेर के पहाड़गंज और भरतपुर जिले में कई जगह महिलाओं ने मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के पुतले जलाकर प्रदर्शन किया और रास्ता रोका। हिंडौनसिटी में तो महिलाएं लाठियां लेकर सड़क पर उतर आईं और एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

अजमेर में गुर्जर महिलाओं का आंदोलन चौथे दिन जारी रहा। करौली जिले के गुडला गांव में रविवार को महिलाओं ने गंडासे, तलवार और लाठियों के साथ प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर जाम लगाया। करौली-हिंडौन मार्ग पर तीसरे दिन भी जाम रहा।

बैसला जिन्हें बुलाना चाहें बुलाएं : जाट
बैसला के पास शनिवार को सरकार के शांतिदूत बनकर गए भाजपा महामंत्री रामपाल जाट ने भास्कर को बताया कि बातचीत में किन नेताओं को शामिल किया जाएगा, यह गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति पर निर्भर है। समिति बातचीत में अपने जिन नेताओं को शामिल करना चाहती है, उन्हें ही अजमेर जेल लाया जा रहा है।

बैसला ने रखी दो मांगें
आंदोलन की अगुवाई कर रहे कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली यह कि गुर्जरों के मुद्दों पर सरकार अपना पक्ष स्पष्ट करे, और दूसरी यह कि केन्द्र को चिट्ठी अविलंब भिजवाने का एलान किया जाए।

गुंजल-भड़ाना का आंदोलन से कोई संबंध नहीं
पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री कालूलाल गुर्जर ने अजमेर में पत्रकारों से कहा कि आंदोलन से बाद में जुड़े नेताओं का समझौता वार्ता में कोई काम नहीं है। कांग्रेस नेता आंदोलन से गोलीकांड के बाद जुड़े हैं। प्रहलाद गुंजल, अतरसिंह भड़ाना और अन्य नेताओं का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

कोर कमेटी का फैसला ही मान्य
विधायक अतरसिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश, प्रहलाद गुंजल की पत्नी जयकंवर और राजस्थान युवा गुर्जर महासभा के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष मानसिंह बुर्जा ने कहा है कि आरक्षण के मुद्दे पर समाज एक है और किसी एक नेता से किए गए समझौते की बजाए समाज को कोर कमेटी का फैसला ही मंजूर होगा।

बातचीत में गुंजल, भड़ाना और विक्रमसिंह को भी शामिल किया जाए। कमलेश भड़ाना ने रविवार को जयपुर में पत्रकारों से कहा कि आरक्षण की मांग के समर्थन में 11 अक्टूबर को प्रदेशभर में करीब दो लाख गुर्जर महिलाएं बच्चों और पशुओं के साथ गिरफ्तारियां देंगी। इसके लिए मीटिंग और प्रदर्शनों का दौर शुरू हो चुका है।

शांति वार्ता शुरू, बैसला को बयाना ले गए
जयपुर राज्य सरकार ने स्थानीय सेंट्रल जेल में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति/कोर कमेटी के सदस्यों से रविवार रात समझौता वार्ता आरंभ की। इस बीच कोर कमेटी के संयोजक कर्नल करोड़ी सिंह बैसला ने पटरियां उखाड़े जाने की घटनाओं के मद्देनजर गुर्जर समाज से शांति बनाने की अपील की। वार्ता का दूसरा दौर सोमवार सुबह शुरू होगा।

गुर्जरों का गुस्सा शांत कराने के लिए सरकार को बैसला का ही सहारा लेना पड़ा और उनसे शांति की अपील करानी पड़ी। कर्नल बैसला और उनके साथियों को देर रात अजमेर सेन्ट्रल जेल से सरकारी वाहन में बयाना ले जाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री कालूलाल गुर्जर और पार्टी महामंत्री रामपाल जाट बैसला को कारवाड़ी गांव ले गए।





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आपके विचार
Dr. Raj Khare
Tuesday, 9th Oct 2007, 1:47
Any citizen who destroy the Public property for any cause should be punished very severely. No excuse. Govt. should abolish all the reservation kota etc for all the catagories. Sixty yrs is too much time since this Kota problem started. Constitution has provided only 20 years for this.if no one progressed,they will never progress.
keshav
Thursday, 11th Oct 2007, 16:55
Gujjar leaders and gujjar public destroying public property. This is the loss of state. In any situation it must not accecepted. and I think the total loss must be refunded from Gujjar community. Public property is utilized by every person so if any person detroy that he must be hanged till death. and it should be done by state government this time according to me. I think this is not the way to fulfill the demand.