राजपुरा. गांव दबाली खुर्द में पूर्व सैनिक किरपाल सिंह ने पत्नी, दो बेटों, बेटी पर सोते समय शनिवार रात ढाई बजे राइफल से गोलियों की बौछार कर दी। इसमें एक बेटे को छोड़ सभी की मौत हो गई। फौजी ने गोली मार खुदकुशी भी कर ली।
बेटे गुरप्रीत (15), बेटी हरप्रीत (१6) ने मौके पर दम तोड़ा जबकि परमजीत (40) की रविवार को चंडीगढ़ पीजीआई में मौत हुई। दूसरा घायल बेटा ओंकार (१८) पीजीआई में भर्ती है। किरपाल सिंह चंडीगढ़ में बैंक ऑफ इंडिया में गनमैन था और पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। घटना के समय किरपाल का बड़ा भाई दिलबाग सिंह पास के कमरे में पूजा-पाठ कर रहा था।
गोलियों की आवाज सुनकर उसने अपने परिजनों को जगाया और किरपाल के कमरे का दरवाजा तोड़ा। कमरे में परमजीत कौर और ओंकार घायलवस्था में तड़प रहे थे और किरपाल, हरप्रीत कौर व गुरप्रीत मृत पड़े थे।
राजपुरा के डीएसपी भूपिंदर सिंह ने बताया कि किरपाल सिंह द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट को सदर पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। घटनास्थल से 12 बोर की राइफल, पांच चले कारतूसों के खोल व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
सारा परिवार खाना वगैरह खाकर आराम से सो रहा था, रात करीब 2.30 बजे पिता किरपाल सिंह ने अपनी राइफल से मां, बहन, भाई व मुझ पर गोलियां चला दीं। छोटा भाई व बहन तो मर गए। मां और मैं घायल हालत में चारपाई के नीचे छुप गए। बाहर से दरवाजा खटखटाने पर पिता किरपाल सिंह ने खुद को गोली मार ली।
-ओंकार सिंह, (बेटा किरपाल सिंह)