झज्जर (हरियाणा)कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए रविवार को वामदलों पर इशारे में करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा, एटमी करार का विरोध करने वाले विकास के दुश्मन हैं। ऐसे लोगों को करारा जवाब दिया जाना चाहिए। यूपीए-वामदलों में चल रहे गतिरोध को लेकर उनकी यह सबसे कड़ी टिप्पणी है।
उन्होंने शनिवार को ही प्रधानमंत्री की इफ्तार पार्टी में कहा था कि कांग्रेस मध्यावधि चुनावों के लिए तैयार है। रविवार को झज्जर के झाड़ली गांव में 7,892 करोड़ से बनने वाले 1,500 मेगावाट के इंदिरा गांधी सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के शिलान्यास के मौके पर उनका संबोधन चुनावी भाषण जैसा ही था, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर वामदलों का जिक्र नहीं किया। इस मौके पर रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक बड़ी रेल लाइन और कुंडली में खाद्य संस्थान का शिलान्यास किया गया।
उन्होंने कहा कि विकास की तेज गति को बनाए रखने के लिए ऊर्जा की जरूरत है। एटमी करार से विद्युत संकट से निजात पाने में मदद मिलेगी। जो लोग करार का विरोध कर रहे हैं, वे न केवल कांग्रेस बल्कि शांति और विकास के भी दुश्मन हैं। हमें एकजुट होकर ऐसे लोगों को समुचित जवाब देना चाहिए।
बयान के मायने>> कांग्रेस एटमी डील पर वामदलों से समझौता करने के मूड में नहीं है।>> वामदलों को आश्वासन देने के बावजूद सरकार करार पर अमल की दिशा में कदम बढ़ाएगी।>> कांग्रेस मध्यावधि चुनाव की तैयारियों में जुटी है।राम के नाम पर राजनीति गलत :सोनिया ने रामसेतु विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि मजहब को राजनीति और विकास के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। भगवान राम के नाम पर सियासत करने वालों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि किसी समुदाय की भावनाओं को चोट पहुंचाए बिना रामसेतु मसले का हल खोजा जा सकता है।
कांग्रेस चुनाव थोपना चाहती है, अगर सरकार गिरती है तो कांग्रेस जिम्मेदार होगी। हमारी शर्त का उल्लंघन होने पर हमारा समर्थन नहीं रहेगा।
—एबी बर्धन, भाकपा नेता