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‘छोटी कविताओंे से कही बड़ी बात’

चंडीगढ़
‘तेरा किस्सा मेरा किस्सा’ किसी एक-दो का किस्सा नहीं, बल्कि हर किसी व्यक्ति का किस्सा है। मैंने कविता, गजल और गीतों के माध्यम से अपना यह तीसरा काव्य संग्रह पिरोया है। इसके रिलीज होने पर मैं बहुत खुश हूं।

यह बात डॉ. शशि प्रभा ने रविवार को सेक्टर-36 के एमसीएम डीएवी कॉलेज में कॉलेज की साहित्यिक संस्था सुगंधा द्वारा आयोजित बुक के रिलीजिंग समारोह पर व्यक्त किए। इस अवसर पर हरियाणा साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक राधेश्याम शर्मा, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ.रमेश कुंतल मेघ, डॉ.संसार चंद्र और डॉ.मैथिली प्रसाद भारद्वाज उपस्थित थे। मंच का संचालन डॉ.गार्गी ने किया।

हर पहलू को छुआ :
डॉ.राधेश्याम शर्मा ने कहा कि डॉ.शशि प्रभा की कविताएं जीवन के हर पहलू को छूती हुई नजर र्आई। डॉॅ.संसार चंद्र ने कहा कि यह डॉ.शशि प्रभा के काव्य संग्रह की सार्थकता है कि सभी साहित्यकार विमोचन के अवसर अपने उद्गार व्यक्त करने को उत्सुक नजर आए। डॉ.रमेश कुंतल मेघ ने काव्य संग्रह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉ.शशि प्रभा की कविताएं सपाट बयानी के किनारे-किनारे चलती हैं। काव्य में बनावटीपन न होकर सहजता झलकती है। एमसीएम डीएवी कॉलेज के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ.मनीषा ने कहा कि शशि प्रभा की कविताएं औरत पर होते जुल्म की दास्तान बयान करती हैं। कहानीकार मोहन भंडारी ने कहा कि शशि प्रभा ने छोटी-छोटी कविताओं के माध्यम से बड़ी बात कही है।

डॉ.यशपाल वैद ने कहा कि डॉ.शशि प्रभा की कविताएं आधारभूत मानव मूल्यों की स्थापना पर बल देती है। इसके इलावा पंजाबी लेखिका डॉ.शरणजीत, डॉ. धर्मस्वरूप गुप्त, डॉ.ज्ञानचंद शर्मा, डॉ.श्रीराम अरश, मनमोहन दाऊ, ओमप्रकाश सोंधी, सुशील गुप्ता, आनंद शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंत में डॉ.गार्गी ने मंच पर आए हुए सभी श्रोताओं को महानुभाव अतिथियों, साहित्यकारों को कॉलेज प्रबंधन एवं कॉलेज के हिंदी विभाग का धन्यावाद किया।





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