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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ देशभर में वक्फ बोर्ड की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी पर सरकारी और गैर-सरकारी कब्जे हैं। स्टेट गवर्नमेंट को यह कब्जे हटवाने और जमीन पर एजूकेशनल इंस्टीट्यूट और अस्पताल बनवाने में मदद के लिए कहा जा रहा है। वक्फ पर जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के चेयरमैन एस.एस. लालजन बाशा के मुताबिक विभिन्न राजनीतिक दलों के 30 सांसदों को मिलाकर बनी कमेटी देश के विभिन्न शहरों में जाकर वक्फ की प्रॉपर्टी के इस्तेमाल और इस पर हुए अवैध कब्जों की जानकारी एकत्र कर रही है।
वक्फ बोर्ड का ऑफिस खुलेगा लालजन बाशा और अविनाश राय खन्ना ने रविवार को होटल माउंटव्यू में कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन वक्फ बोर्ड का ऑफिस खोलने के लिए जमीन देने को मान गया है। वक्फ बोर्ड के पास हरियाणा में 24 हजार एकड़ जमीन पर करीब 12 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टीज हैं, जिनमें से करीब 250 यूनिट प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जे हैं। पंजाब में वक्फ बोर्ड के पास करीब 4,000 प्रॉपर्टीज हैं। इनमें से ज्यादातर पर अवैध कब्जे हैं। ये अवैध कब्जे प्राइवेट संस्थाओं सहित सरकारी संस्थाओं ने भी किए हुए हैं।
वक्फ की जमीन सरकारी नहीं लालजन बाशा ने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड की एक इंच प्रॉपर्टी भी सरकारी नहीं है। उनके मुताबिक वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी पर कॉलेज या अस्पताल बन सकते हैं। इससे मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ अन्य धर्म के लोगों को भी फायदा होगा। लालजन बाशा के मुताबिक राज्य सरकारों से मुस्लिम समुदाय के लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए वक्फ बोर्ड को कम से कम 10 करोड़ रुपए ग्रांट देने की भी मांग की जा रही है।