नई दिल्ली.सोनिया गांधी द्वारा परमाणु करार के विरोधियों को विकास का दुश्मन बताए जाने के बाद वामदलों का गुस्सा और बढ़ गया है। वामदलों ने कहा कि यूपीए सरकार अमेरिका के दबाव में आकर काम कर रही है।
रविवार को हरियाणा के झज्जर में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि अमरीका के साथ परमाणु समझौते का विरोध करने वाले विकास के दुश्मन हैं। हालांकि बाद में कांग्रेस की ओर सफ़ाई दी गई कि सोनिया का इशारा वामपंथी दलों की ओर नहीं था। लेकिन सोनिया के बयान ने वामपंथी नेता भड़क गए हैं।
सोनिया गांधी ने जनसभा में कहा था कि देश में बिजली की बेहद कमी है और यह समझौता इसी कमी को दूर करने के प्रयास में उठाया गया कदम है। सीपीआई के नेता एबी बर्धन ने कहा कि सोनिया के द्वारा दी गई यह दलील खोखली है कि इस समझौते से देश में बिजली की कमी को पूरा किया जा सकेगा। बर्धन ने कहा कि यूपीए सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है इसलिए वह इस समझौते को शीघ्र ऑपरेशनलाइज करना चाहती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री के निवास आयोजित इफ्तार पार्टी में सोनिया ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार है।