काठमांडु.
नेपाल के तराई इलाके में लगातार हो रहे हमलों के पीछे रणवीर सेना के होने की बात खुलकर सामने आ गई है। भू स्वामियों की इस सेना ने अब नेपाल को अपने निशाने पर ले लिया है। यहां माओवादियों को टक्कर देने के ख्याल से रणवीर सेना ने अपनी दस्तक दी है।
नेपाल की तराई में स्थित राजविराज शहर में सेना ने अपनी दस्तक दे दी है। बिहार में माओवादियों के हमलों का जवाब देने के लिए गठित की गई इस सेना ने रविवार शाम राजविराज शहर में दो शक्तिशाली बम विस्फोट कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। शहर के त्रिभुवन पार्क में हुए शक्तिशाली विस्फोट के बाद घटनास्थल से रणवीर सेना के पोस्टर और पर्चे भी पाए गए।
गौरतलब है कि रणवीर सेना का गठन 1994 में माओवादियों के हमलों का जवाब देने के लिए भूस्वामियों की तरफ से किया गया था। इस सेना पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था।
नेपाल का तराई इलाका भी पिछले कुछ दिनों से हिंसा की की चपेट में है। इस हिंसा में अब तक 33 लोग मारे जा चुके हैं जबकि हजारों लोग घर छोड़कर भाग चुके हैं। यह हिंसा तराई के सबसे बड़े जमींदार और डॉन मोहम्मद अब्दुल मोती खान की हत्या के बाद भड़की।
खान एक ऐसे समूह का नेतृत्व करते थे जो माओवादियों के खिलाफ लड़ता था। कपिलवस्तु में हुआ नरसंहार इन्हीं समूहों की लड़ाईयों का परिणाम था। अब रणवीर सेना की दस्तक ने तराई इलाके में खूनी टकराव की संभावनाओं को और बल दिया है।