नई दिल्ली: अभी गेहूं स्थिर बना हुआ है और गेहूं के आटे पर आयात शुल्क में कटौती करने की खबरों के बाद गेहू में नरमी के संकेत मिले हैं। सोयाबीन की फसल आने लगी है और स्टाकिस्टों ने गेहूं निकालकर सोयाबीन का रुख करना शुरू कर दिया है।
कृषि मंत्रालय मंत्रियों के समूह के करीब 8, 000 करोड़ रुपए मूल्य के 4.5 लाख टन गेहूं आटा के आयात पर फैसले का इंतजार कर रहा है। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी तो इसका असर घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों पर पड़ेगा। मिलर ने भी गेहूं की खरीद घटा दी है। आयातित गेहूं की पहली खेप भारत के मुंदरा पोर्ट पर आ गई है। मंत्रियों के समूह ने वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले ही 10 लाख टन गेहूं आयात की अनुमति दे दी है। पंजाब में रबी के गेहूं की बुवाई शुरू हो गई है। यहां से पिछले साल की तरह 145 लाख टन गेहूं उत्पादन की संभावना है।