जयपुर. एसएमएस मेडिकल कॉलेज के छात्र सुखचंद मीणा की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। कॉलेज के छात्रों का कहना है कि वह इंटरनल परीक्षा में एक नंबर कम मिलने से फेल हो गया था और कई दिनों से तनाव में था। इस वजह से उसने आत्महत्या की है। छात्र के शव को राजगढ़ (अलवर) में उसके घर भेज दिया गया है। विद्यार्थी की मौत की सूचना मिलने के बाद छात्रों ने प्राचार्य से मिलकर कॉलेज बंद करा दिया।
छात्रों ने बताया कि पिछली इंटरनल परीक्षाओं में सुखचंद एनॉटोमी में एक नंबर से फेल हो गया था। इसके बाद वह बीमार पड़ गया, इसलिए उसे इस बार प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा का कॉल लेटर भी नहीं मिला। उसके सभी साथी सैकंड ईयर में चले गए थे, जबकि वह प्रथम वर्ष में ही रह गया था। इससे वह काफी तनाव में था। बुधवार सुबह उसने जगतपुरा के पास ट्रेन के नीचे आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि सुखचंद जल्दबाजी में लाइन क्रॉस करते हुए ट्रेन की चपेट में आया है।
होनहार छात्र था सुखचंद
मेडिकल छात्रों ने बताया कि सुखचंद बहुत होनहार छात्र था। एसटी रिजर्वेशन में होने के बाद भी वह सामान्य वर्ग में चुनकर आया था। मेडिकल की कोचिंग के दौरान उसने हमेशा टॉप किया। उसके साथी छात्रों ने कहा कि यहां काफी सख्ती है। छोटी सी बात के लिए भी छात्रों को काफी प्रताड़ित किया जाता है। प्रथम वर्ष में ही रह जाने के कारण उसने संभवतया आत्महत्या का कदम उठाया है।
* ‘छात्र की मौत के बारे में प्रशासनिक जांच कराई जाएगी। फिलहाल इस बारे में पता नहीं चल पाया है कि यह मौत है या आत्म हत्या।’
—डॉ. गोविंद शर्मा, स्वास्थ्य शिक्षा सचिव
पहले भी हुए हैं मामले
वर्ष 2003 में संदीप गुप्ता नाम के एक अंडर ग्रेजुएट विद्यार्थी ने इंटरनल परीक्षाओं में फेल होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले वर्ष 1993 में हरियाणा की एक लड़की ने इंटरनल परीक्षाओं में फेल होने पर आत्महत्या की थी। करीब 10 माह पहले सीटी सर्जरी के रेजिडेंट दीपक ए. एन. को उसके परिजनों ने एमसीएच कोर्स छुड़वा दिया था। परिजनों को आशंका थी कि वह फेल होने के कारण आत्महत्या कर लेगा।
एक माह पहले रेडियोलॉजी विभाग के 12 डिप्लोमा छात्रों के फेल होने के मामले में भी स्वास्थ्य शिक्षा सचिव ने दोबारा परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए हैं। कुछ माह पहले यूरोलॉजी विभाग में एमसीएच कर रहे रेजिडेंट दीपक पुरुलिया को फेल कर दिया गया था। दीपक 17 वर्ष बाद यूरोलॉजी विभाग में फेल होने वाला पहला व्यक्ति था। दीपक के फेल होने को विभागों की आपसी खींचतान बताया गया था।