जोधपुर. मानद वन्यजीव प्रतिपालक बनाने की सिफारिश के बदले हिस्ट्रीशीटर से बोलेरो जीप लेने के मामले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उप वन संरक्षक (वन्य जीव)
बीआर भादू के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अफसर और अपराधी के बीच इस तरह के गठजोड़ को काफी गंभीरता से लिया है।
भास्कर ने बुधवार के अंक में उप वन संरक्षक (वन्य जीव) भादू के एक हिस्ट्रीशीटर के साथ संबंधों का खुलासा करने के साथ बताया था कि किस तरह उन्होंने आला अफसरों सहित कलेक्टर की आंखों में धूल झोंकते हुए उसे मानद वन्यजीव प्रतिपालक बनाने की सिफारिश करवाई। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सुबह ही इस मामले में उप वन संरक्षक व अपराधियों के बारे में जांच करने के आदेश दे दिए।
मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं । विभाग के आला अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की छानबीन आरंभ कर दी है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
—लक्ष्मीनाराण दवे, वन मंत्री
सिटी मजिस्ट्रेट करेंगी जांच
कलेक्टर नरेशपाल गंगवार ने भी हिस्ट्रीशीटर रामपाल भवाद और डीएफओ की कारगुजारी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को जांच करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार दोपहर ही कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। सिटी मजिस्ट्रेट वंदना सिंघवी ने बताया कि मामले की जांच आरंभ कर दी है। अपराधियों के बारे में पूरी जानकारी मंगवाई जा रही है।
पीसीसीएफ कराएंगे सीसीएफ से जांच
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अभिजीत घोष भी डीएफओ भादू के इस कारनामे से नाराज हैं। उन्होंने बताया कि पूरी बात उनके सामने आ गई है अब वे सीसीएफ राजन माथुर से इसकी जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस संस्था में अपराधी हो उनसे विभाग के अधिकारी का जुड़ाव गैर कानूनी है।
जांच के बिंदू
* डीएफओ और हिस्ट्रीशीटर के बीच क्या संबंध हैं और वे किस तरह काम करते रहे हैं।
* किसी भी अपराधी अथवा अपराधियों से जुड़ी संस्था से बोलेरो लेना कहां तक उचित है।
* बोलेरो भेंट में लेने से पूर्व राज्य सरकार अथवा आला अधिकारियों से अनुमति ली अथवा नहीं।
* सरकार व विभाग ने बोलेरो की अप्रूवल भिजवाई या नहीं, उसकी मेंटेनेंस का क्या होगा।
* डीएफओ ने रामपाल भवाद का अपराधिक रिकॉर्ड उच्चधिकारियों को क्यों नहीं बताया।
* अपराधियों से जुड़ी संस्था के रजिस्ट्रेशन में डीएफओ की भूमिका कहां तक ठीक है।
* हिस्ट्रीशीटर को वन्य जीव प्रतिपालक बनाने की सहमति में कलेक्टर को अंधेरे में क्यों रखा गया।