अजमेर. दरगाह इलाके में मंगलवार को सात किलो चरस सहित पकड़े गए युवक ने नेपाल और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा इलाकों में मादक पदार्थ के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। उसने कबूल किया है कि अजमेर और पुष्कर से तस्करों के तार जुड़े हुए हैं।यहां के कारोबारियों को ज्यादातर हिमाचल से माल की सप्लाई होती है। उसने खुद को कैरीयर बताया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी सहारनपुर निवासी मोहम्मद मशरूम उर्फ मेरू ने अजमेर में नशे के कारोबार से जुड़े कई लोगों के बारे में जानकारी दी है, लेकिन वह उनके असली नाम-पते बता नहीं पा रहा है। उसने बताया कि उसे दरगाह के पास खादिम मोहल्ले में माल देना था। इस बयान के आधार खादिम या जायरीन के तौर पर ठहरे व्यक्ति की इस कारोबार में लिप्तता मानी जा रही है। पुलिस ने संदिग्ध लोगों की तलाश में कई जगह दबिश दी।
तीन दिन रिमांड
मशरुम को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने पांच दिन रिमांड पर सौंपे जाने की अर्जी लगाई थी। अदालत ने तीन दिन रिमांड के आदेश जारी किए। जांच कोतवाली थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह कर रहे हैं।
संदिग्ध लोगों की तलाश
इस वारदात के बाद नशे के कारोबार से जुड़े लोग भूमिगत हो गए हैं। इनमें से एक सलीम उर्फ कालिया को पुलिस संदिग्ध मान रही है। कुख्यात अपराधी नफीस के भाई सलीम की तलाश में पुलिस दल ने कई जगह दबिश दी है। इसके पकड़ में आने से दरगाह इलाके में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का खुलासा होने की उम्मीद है।