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टुकड़ों में आएगा हेलिकाप्टर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के दुर्घटनाग्रस्त हेलिकाप्टर मैना के स्थान पर नया हेलिकाप्टर ‘अगुस्ता’ तीन महीने के भीतर मिल जाएगा। हालांकि इसकी सप्लाई रायपुर में होगी, लेकिन इटली से यह टुकड़ों में विभक्त होकर पहुंचेगा।

इटली में निर्मित हेलिकाप्टर के पार्ट्स को अलग-अलग कर एक बड़े विमान में भरा जाएगा। सारा सामाना दिल्ली में उतारा जाएगा। कंपनी के तकनीशियन उन्हें दिल्ली में असेंबल करेंगे। उसके बाद कंपनी के पायलट और इंजीनियर आकर दिल्ली में उसका परीक्षण करेंगे। उसके बाद ही हेलिकाप्टर को रायपुर लाया जाएगा।

नया हेलिकाप्टर खरीदने के लिए राज्य के संचालक विमानन अनिल टुटेजा और कंपनी के हांगकांग स्थित डिस्ट्रीब्यूटर के जीएम के. संथानम ने मंत्रालय में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। नया हेलिकाप्टर राज्य शासन को करीब 26 करोड़ 50 लाख रुपए में मिलेगा। अनुबंध की तारीख से तीन महीने के भीतर हेलिकाप्टर की सप्लाई होगी।

हेलिकाप्टर की सप्लाई में देर होने की संभावना थी, इस कारण अब तक अनुबंध नहीं हो पा रहा था। अगुस्ता हेलिकाप्टर की मांग अधिक होने के कारण उसकी सप्लाई में समय लगने वाला था, इस बीच डिस्ट्रीब्यूटर ने हेलिकाप्टर का इंतजाम कर लिया।

अगुस्ता की खूबियां
राज्य के पुराने हेलिकाप्टर यूरोकाप्टर की तुलना में नया हेलिकाप्टर अगुस्ता अधिक सुविधाजनक है। उसमें दो पायलट के अलावा पांच यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। यूरोकाप्टर में चार यात्री ही बैठ सकते थे।

इसके अलावा अगुस्ता की स्पीड तुलनात्मक रूप से अधिक है। छत्तीसगढ़ के मौसम में अगुस्ता अधिक उपयुक्त बताया जा रहा है। यूरोकाप्टर को यहां के मौसम में थोड़ी परेशानी होती थी। हालांकि दोनों ही हेलिकाप्टर में डबल इंजन है। लेकिन तकनीकी दृष्टि से अगुस्ता अधिक पावरफुल है।

पायलट नहीं मिल रहे
मैना हादसे के बाद मृत चारों व्यक्तियों के स्थान पर नई भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इंजीनियर और तकनीशियन की भर्ती तो जल्द हो जाएगी लेकिन पायलट की समस्या बढ़नी तय है। पायलट के लिए विज्ञापन निकाला गया था, लेकिन कोई नहीं आया। उसके बाद दोबारा विज्ञापन निकाला गया है।





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