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पास के मोहल्ले वाले ही थे लुटेरे

इंदौर. पिछले दिनों अनूपनगर में दिनदहाड़े पंप व्यवसायी रविशंकर नागर के मकान में हुई सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश हो गया है। लूट पास ही के मोहल्ले में रहने वाले चार बदमाशों ने की थी, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों ने लूट के जेवरात बेचकर सारे रुपए शराबखोरी में खर्च कर दिए।

3 अक्टूबर को रविशंकर नागर के यहां दोपहर नकाबपोश दो बदमाश दीवार फांदकर घुसे थे और उन्होंने उनकी बेटी सूर्या व उसकी सहेली नियती को चाकू की नोक पर धमकाया व एक्टिवा की चाबी और मोबाइल छीन लिया था। इसके बाद बदमाशों ने सूर्या की मां सुषमा, भाई युवराज व नौकरानी बाली को बंधक बनाकर आलमारी में रखे जेवरात व 10 हजार रु. लूटकर भाग निकले थे।

इस सनसनीखेज लूट का पता लगाने के लिए एसपी अंशुमान यादव ने डीएसपी राजेश व्यास (क्राइम ब्रांच) और टीआई अरविंद खरे की टीम बनाई थी। टीम में एसआई विनोद शर्मा, सुनील गुप्ता, कांस्टेबल रामप्रकाश वाजपेयी, मनोज ओझा, रामपाल व शैलेंद्र थे, जो तस्दीक में लगे थे। मामले में पहले पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों से पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।

सुनहरे बालों से पकड़ा गए
एसआई विनोद शर्मा ने नागर परिवार के लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि दोनों बदमाशों ने चेहरे पर स्कार्फ बांधकर रखा था। इनमें से एक बदमाश के आगे के कुछ बाल सुनहरे थे। इस पर टीम ने अनूपनगर के पास के मोहल्ले जुग्गननगर, मालवीयनगर और आशानगर में पूछताछ की जहां पता चला कि जुग्गननगर में रहने वाले सतीश पिता कबडू दुर्वे (22) के बाल आगे से सुनहरे हैं।

इसके साथ यह भी जानकारी मिली कि सतीश आजकल अपने दोस्तों के साथ होटलों और बियरबारों में अनाप-शनाप खर्च कर रहा है। पुलिस ने सतीश को हिरासत में लिया तो वह टूट गया और कबूला कि उसने वारदात अपने साले मनीष पिता कृष्णकुमार उइके (23) निवासी 301, स्वर्णबाग कॉलोनी और दोस्त बबलू पिता रामकिशन और पिंटू पिता जयनारायण चौधरी (20) दोनों निवासी जुग्गननगर के साथ की है। इस पर पुलिस ने इन सभी को हिरासत में लिया।

तंगी चल रही थी इसलिए की लूट
सतीश पहले सियागंज में संगमननगर निवासी मुन्ना का लोडिंग रिक्शा चलाता था। कुछ दिन पहले उससे विवाद होने पर काम छूट गया था। इसके चलते वह आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। बबलू कांच फीटिंग, पिंटू गाड़ी सुधारने व मनीष हम्माली करता है। इन सभी को भी और रुपयों की जरूरत थी।

सतीश कुछ माह पहले सियागंज स्थित श्री नागर के मोटर पंप की दुकान पर दो बार ग्राहकों को लेकर गया था। उस दौरान उसने भांप लिया कि श्री नागर दिन में दुकान पर रहते हैं जबकि घर में महिलाएं ही रहती हैं। इस पर उसने अपने साले सहित दोनों साथियों को लूट के लिए राजी कर लिया। घटना वाले दिन सतीश और बबलू ने चेहरे पर स्कार्फ बांधा और दीवार फांदकर अंदर घुसे।

उन्होंने चाकू की नोक पर सबको बंधक बना लिया। इधर बाहर पिंटू और मनीष श्री नागर के मकान के कुछ दूर अलग-अलग कोने पर खड़े थे ताकि किसी के आते ही अपने दोनों साथियों को खबर कर दे। कुछ ही मिनट में जब सतीश और बबलू लूटकर बाहर निकले तो सभी साथ में भाग निकले।

गिरफ्तार चारों आरोपियों के विरुद्ध अलग-अलग थानों में मारपीट के केस दर्ज हैं। मनीष पहले वाहन चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका है। चारों आरोपियों ने सारे जेवरात बेच दिए और उसके बाद ओंकारेश्वर चले गए। उसके बाद सारे रुपए उन्होंने शराबखोरी और पार्टियों में खर्च कर दिए। पुलिस ने इनसे दो हजार रु. जब्त किए हैं।





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