इंदौर. घटिया शराब की शिकायत पर आबकारी आयुक्त द्वारा मंगलवार को निलंबित कि ए गए दो सब इंस्पेक्टर व सहायक जिला आबकारी अधिकारी बुधवार को मंत्री के निर्देश पर बहाल हो गए। इससे पहले निलंबन के विरोध में इंदौर के पूरे स्टाफ ने मैदान संभाला और बुधवार को शराब की बोतल लेकर भोपाल में वाणिज्यिक कर मंत्री से भेंट की।
भोपाल से आए आबकारी विभाग के दल ने 7 अक्टूबर को ट्रांसपोर्टनगर की दो शराब दुकानों की आकस्मिक जांच की थी। दल की रिपोर्ट पर इंदौर के सब इंस्पेक्टर आर.एच. पचौरी व सुखनंदन पाठक और सहायक आबकारी अधिकारी मुन्नालाल तिवारी को आयुक्त पी. धर्माराव ने मंगलवार को निलंबित कर दिया था।
उसके बाद से इंदौर के स्टाफ ने काम बंद कर दिया था। बुधवार को वे भोपाल में वाणिज्यिक कर मंत्री बाबूलाल गौर के बंगले पहुंचे और 7 सितंबर को उन दुकानों से लाई गई शराब की पांच बोतलें भी उनके सामने रख दीं। उन्होंने स्टाफ का पक्ष सुनकर तीनों को हाथोहाथ बहाल कर दिया।
जानबूझकर खराब दिखाई गुणवत्ता
आबकारी संघ के सचिव धर्मेंद्र भदौरिया ने बताया 1700 में से 176 बोतलों के होलोग्राम चिपकाने के बाद निकल गए थे। गुणवत्ता जानबूझकर खराब दिखाई गई।
उनका पक्ष भी सुनना था
>> तीनों कर्मचारियों को निलंबित करने के पहले नोटिस देकर आयुक्त को उनका पक्ष भी सुनना चाहिए था। मैंने सुनकर बहाल किया है। अधिकारी पहले मामले की जांच करें, कर्मचारियों का पक्ष सुनें और वे दोषी पाए जाते हैं तो निलंबित करें।
-बाबूलाल गौर, वाणिज्यिक कर मंत्री, मध्यप्रदेश