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रिलायंस और उसके जैसी बड़ी कंपनियों के रिटेल बिजनेस में आने से पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार में तिलमिलाहट तो है लेकिन कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है। अकाली दल तो इस मामले लाचार सा लगता है। सरकार के मुखिया प्रकाश सिंह बादल के स्टेटमेंट कि रिलायंस बहुत बड़ा घराना है, उसे छोटे व्यापारियों के पेट पर लात नहीं मारनी चाहिए, से यह साफ झलकता है। भाजपा का भी रिलायंस के रिटेल मार्केट में उतरने के प्रति रुख कागजी शेर सरीखा ही है। भाजपा नेता और मंत्री मनोरंजन कालिया के मुताबिक कैबिनेट में इस मुद्दे पर अनौपचारिक चर्चा की जाएगी।
काम पर पाबंदी नहीं :
मुख्यमंत्री कहते हैं कि रिलायंस और बड़ी कंपनियों के रिटेल स्टोर खोलने पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि ये कंपनियां ओपन मार्केट के तहत अपने स्टोर खोल रही हैं। वे चाहते हैं कि रिलायंस पंजाब में बड़ी इंडस्ट्री लगाए।
छोटे दुकानदारों पर बुरा असर :
बादल ने कहा कि रिलायंस के रिटेल मार्केट में उतरने से छोटे दुकानदारों के काम पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। केंद्र सरकार को बेरोजगारी निवारण के कदम उठाने चाहिए न कि लोगों को बेरोजगार करने के।
बड़ा सोचे रिलायंस :
भाजपा के मंत्री मनोरंजन कालिया की राय है कि रिलायंस अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है और उसे मोहल्ला स्तर के खिलाड़ियों से नहीं भिड़ना चाहिए।
मुहिम के आसार: जानकारों का मानना है कि यूपी और मध्य प्रदेश के बाद पंजाब में भी रिलायंस रिटेल के खिलाफ मुहिम शुरू हो सकती है।