अजमेर.अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में गुरुवार को इफ्तार के बाद शक्तिशाली विस्फोट हुआ। विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 18
जने घायल हो गए। घायलों को जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन की हालत गंभीर है। धमाके के पीछे आतंकियों का हाथ माना जा रहा है। धमाका मजार शरीफ के अहाता-ए-नूर में उस वक्त हुआ जब दरगाह परिसर में हजारों लोग इकट्ठा थे। ये सभी शाम 6.12 बजे यहां तोप की आवाज के साथ रोजा खोलने बैठे थे।
एक मृतक मुंबई का, दूसरा हैदराबाद का : विस्फोट में मरने वालों मे मुंबई के मो. शाहिद शामिल हैं। वे पत्नी और बच्चे के साथ यहां आए थे। दूसरा मृतक हैदराबाद का सलीम है।
मदद : राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने घटना की निंदा की है। सरकार ने मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख, गंभीर घायलों को एक-एक लाख रु. देने की घोषणा की है।
जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को : विस्फोट की जांच राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को सौंपी गई है। मौके पर पहुंचे शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि जांच फिलहाल सीबीआई को सौंपने पर विचार नहीं किया गया है।
दो महिलाओं सहित 18 घायल
घायल हुए 18 लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इनमें मो. साबिर पुत्र शफी मोहम्मद, ताबिया बेगम , आशिया, तरुण जहां (सभी एक परिवार से) निवासी जामा मस्जिद के पास भीलवाड़ा, अहमद भाई भड़ूच (गुजरात), समीर पुत्र रहमत अली कोटड़ा अजमेर, हाजी डॉ. बदी उल हसन खादिम मोहल्ला अजमेर, फिरोज खान भावनगर (गुजरात), अब्दुल रहमान नासिक रोड मुम्बई, बिस्मिल्लाह खान खेड़ा (गुजराज), वहीद उल हक राज कानपुर उड़ीसा, सुब्रत चौधरी, राहुल चौधरी, तंद्रा चौधरी कोलकता (सभी एक परिवार से) , कैलाश दान (सिपाही) दरगाह थाना, रफीक पुत्र मजीद (गुजरात), मो. हफीज नागफणी अजमेर, गुलाम मो. पुच्छवली (कश्मीर) शामिल हैं।
मोबाइल वाइब्रेशन से किया विस्फोट!
प्रारंभिक जांच से संकेत मिलते हैं कि विस्फोट मोबाइल वाइब्रेशन के जरिये किया गया। हालांकि पुलिस एफएसएल विशेषज्ञों द्वारा जांच पूरी होने से पहले इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं बता रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल से लोहे की पत्तियां, कास्ट आयरन के छोटे-छोटे टुकड़े, नट बोल्ट आदि जब्त किए, जिनसे बारूद की गंध आ रही है। जहां बम रखा था, वहां मोबाइल फोन भी मिला है।
एफएसएल के विशेषज्ञ फिलहाल यह मान रहे हैं कि ‘टाइमर’ लगे देसी बम से विस्फोट किया गया है। हालांकि दरगाह में हर वक्त भारी भीड़ रहती है, लेकिन विस्फोट के लिए रोजे का समय जानबूझ कर चुना गया ताकि अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके। मोबाइल मिलने से आशंका जताई जा रही है कि हमलावर ने रोजे का समय शुरू होते ही मोबाइल पर घंटी की, जो वाइब्रेशन पर था। वाइब्रेट होते ही बम में लगा टाइमर सक्रिय हो गया और विस्फोट के साथ बम फट गया। इस बीच विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों ने रात को दरगाह पहुंच कर विस्फोटक की जांच शुरू कर दी है।
इलाज का खर्च दरगाह कमेटी उठाएगी: दरगाह कमेटी के नाजिम ए.रजा के मुताबिक घायलों के इलाज में जितना खर्च आएगा उसे कमेटी वहन करेगी।
नोकिया का मोबाइल व चिप मिली: पुलिस द्वारा की गई गहन छानबीन में पुलिस को विस्फोस्ट स्थल पर नोकिया का मोबाइल और चिप मिली है। कैमरे वाले मोबाइल और चिप की बारीकी से छानबीन की जा रही है। जांच एजेंसी ने चिप तत्काल कम्प्यूटर जांच के लिए भेज दी है। अभी यह खुलासा नहीं हुआ है कि मोबाइल और चिप किसी घायल की है या विस्फोट करने वाले की।
सद्भाव की अपील
दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने धमाके के पीछे आतंकियों का हाथ होने की आशंका जताई है। उन्होंने सभी धर्मावलंबियों से इस नाजुक वक्त में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। एसपी एस. सैंगाथिर ने बताया कि धमाकों के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। विस्फोट में किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है।
लगा तोप दागी गई है
रोजेदारों ने रोजे खोलने के लिए खजूर मुंह में रखे ही थे अहाता-ए-नूर के चारों ओर बनी संगमरमर की चौखटों पर रखा एक हरा बैग विस्फोट के साथ फट गया। पहले तो रोजेदारों ने समझा कि शायद गलत समय पर रोजा खोल लिया है, इसलिए दूसरी तोप दागी गई है। बाद में चीख-पुकार मचने के बाद असलियत समझ में आई तो दरगाह में भगदड़ मच गई।
दरगाह के सामने खड़े पुलिसकर्मियों की धुनाई
विस्फोट के बाद गुस्साए खादिमों व जायरीन ने दरगाह गेट के पास खड़े सात पुलिसकर्मियों की जोरदार धुनाई कर दी। दरअसल विस्फोट और अफरा तफरी के बावजूद पुलिसकर्मी आराम से गेट पर खड़े थे। पिटाई के बाद पुलिस वाले वहां से चल दिए। पुलिस भीतर पहुंची तो खादिमों ने जवानों को रोक दिया। झड़प भी हुई। अफसरों के समझाने के बाद मामला सुलझा।
17 क्लोज सर्किट टीवी, एक भी काम का नहीं
दरगाह में सशस्त्र पुलिस बल तो तैनात था ही, 17 क्लोज सर्किट टीवी भी लगे हुए हैं। हैरत की बात है कि धमाके के समय इनमें से कोई भी काम नहीं कर रहा था। वैसे गरीब नवाज की मजार शरीफ के भीतर भी क्लोज सर्किट टीवी लगाने की कोशिश की गई थी लेकिन खादिमों के विरोध के चलते ऐसा नहीं हो सका।
जयपुर सहित प्रदेश में अलर्ट
जयपुर. अजमेर में विस्फोट के बाद जयपुर सहित पूरे प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर पुलिस तैनात की गई है। संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। धार्मिक स्थलों पर सादा वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को लगा दिया है। कई थानों में देर रात तक शांति समितियों की बैठकें हरुई। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हवाई अड्डे पर विशेष अलर्ट जारी किया गया है। जिला कलेक्टर अखिल अरोड़ा ने सभी एसडीएम को शांति समितियों की बैठकें आयोजित करने और स्थिति पर निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।
स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाई : जयपुर जंक्शन सहित गांधीनगर उपनगरीय स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। जयपुर जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक बी.के.गौड ने बताया कि यात्रियों के सामान की भी जांच की जा रही है।