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भोपाल.
अजमेर दरगाह परिसर में गुरुवार को हुए बम धमाकों के तार इंदौर और उज्जैन से भी जुड़ रहे हैं। पुलिस ने वहां से एक जिंदा बम बरामद किया, जिसका उपयोग नहीं हो सका था। उसे इंदौर-उज्जैन के दो सांध्य दैनिक समाचार पत्रों में लपेटा गया था। इसके बाद जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने अपना ध्यान इंदौर की तरफ लगाया है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आतंकी इंदौर से होकर वहां पहुंचे थे।इस बारे में मप्र के पुलिस महानिदेशक आनंदराव पवार ने दैनिक भास्कर को बताया कि राजस्थान के इंटेलीजेंस अफसरों ने इस संबंध में मप्र इंटेलीजेंस शाखा के अफसरों से बात की है।
वहां दो अखबार मिले हैं जो इंदौर- उज्जैन के हैं। इसके अलावा देश के कुछ अन्य स्थानों के भी अखबार वहां मिले हैं। इस बारे में अभी वहां से कोई टीम यहां नहीं आ रही है। मध्य प्रदेश पुलिस इस मामले में राजस्थान पुलिस के संपर्क में है और उसे जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
़समझौता एक्सप्रेस विस्फोट में भी जुड़ा था इंदौर का नाम
समझौता एक्सप्रेस में 19 फरवरी को पानीपत के समीप बम विस्फोट हुआ था। 70 से ज्यादा लोग मारे गए थे। विस्फोटक जिस बैग में रखे थे, वह कोठारी मार्केट इंदौर से बेचा गया था। इसका निर्माण भी इंदौर में हुआ था। इसके बाद हरियाणा पुलिस के अफसर इंदौर आए थे, लेकिन जांच में कोई सुराग नहीं मिल सके थे।
मुंबई विस्फोटों में भी था प्रदेश का नाम
पिछले साल 11 जुलाई को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए धमाकों के बाद मुंबई के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने खंडवा-बुरहानपुर से सिमी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। सिमी का राष्ट्रीय महासचिव इमरान अंसारी भोपाल में पकड़ा गया था।
अपहरणकर्ता आए थे भोपाल
27 दिसंबर 1999 को काठमांडू से जिस विमान आईसी 814 का अपहरण किया गया था, उसके अपहरणकर्ता भोपाल आकर गए थे। पहले उन्होंने भोपाल से विमान अपहरण करने की साजिश रची थी। विमान में भोपाल के जो यात्री बैठे थे उनसे आतंकियों ने पुराने शहर के कुछ मोहल्लों के बारे में बात भी की थी।
1993 धमाकों में भी भोपाल का नाम आया था- मार्च 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के मामले में मुंबई पुलिस ने शहर के एक पुराने बदमाश को हिरासत मे लिया था। जिन कारों में विस्फोटक रखे गए थे, उनमें से एक कार इस बदमाश ने बेची थी। इन बम धमाकों के आरोपी माफिया सरगना अबू सलेम का दानिश बेग के नाम से पासपोर्ट भी भोपाल से ही बना था।