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International International वाशिंगटन.प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा परमाणु करार के रास्ते में आ रही बाधाओं के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को बताए जाने के बावजूद अमेरिका को पूरी उम्मीद है कि यह करार अवश्य लागू होगा।
अमेरिका के विदेश विभाग के उपप्रवक्ता टॉम केसी ने कहा कि यह करार खत्म नहीं हुआ यह अपने तय समय सीमा में अगले साल तक लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस करार की शर्तो पर अमेरिका पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहा है।
अब यह भारत पर निर्भर करता है कि वह अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग से कबतक बातचीत शुरू करता है। उन्होंने कहा कि करार पर भारत के अंदर भी राजनीतिक दलों के बीच बातचीत चल रही है । उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहता है। अब भारत को तय करना है कि वह कितनी जल्दी इस मुद्दे पर अपना कदम आगे बढ़ाता है।
उन्होंने आशा जताई कि परमाणु करार पर भारत कदम आगे बढ़ाएगा और हम करार को इसकी तय समय सीमा में वर्ष 2008 तक पूरा कर पाने में सफल होंगे।
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