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आखिर ये नई बीमारी है क्या?

जालंधर. शहर के अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण वाले मरीज तो आ रहे हैं, लेकिन उनकी टैस्ट रिपोर्ट में रोग की पुष्टि नहीं हो रही। इससे सरकारी ही doctorनहीं निजी अस्पतालों के माहिर भी असमंजस में हैं। डाक्टर्स अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि यह वायरस कौन सा है। फिलहाल इन बीमारियों के लक्ष्ण वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। शहर में डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला, लेकिन मरीजों में प्लेटलेट्स भी कम आ रहे हैं।

सिविल अस्पताल के माहिर डा. के.एस. बावा का कहना है कि मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण पाए जा रहे हैं, लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई है। टैस्ट नैगेटिव आ रहे हैं। दोआबा अस्पताल के डा. नितिन गुप्ता ने बताया कि उनके पास आने वाले मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं, लेकिन वह डेंगू नहीं हैं। उनके प्लेटलेट तो कम हो रहे हैं, लेकिन सिरोलोजी टैस्ट नैगेटिव आ रहे हैं। भारत लैब के एमडी डा. भारत भूषण का कहना है कि उनके पास भी मरीज आ रहे हैं, लेकिन बहुत कम हैं।

पटेल अस्पताल के एमडी डा. बी.एस. चोपड़ा का कहना है कि वह अभी तक 63 लोगों का सिरोलोजी टैस्ट कर चुके हैं, पर जालंधर का एक भी केस पॉजिटीव नहीं है, हालांकि उनमें प्लेटलेट्स बहुत कम पाए गए हैं।

चिकनगुनिया व डेंगू का इलाज
डेंगू का कोई मैडीसनल इलाज अभी तक नहीं मिला है। इसे सिर्फ बैड रैस्ट व फल्यूड रिप्लेसमैंट थैरेपी (अधिक से अधिक तरल पदार्थ) लेकर ठीक किया जा सकता है, या फिर इसमें पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। डेंगू होने पर एनलजासिक दवाइयों, खासकर एसप्रिन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। चिकनगुनिया में भी रैस्ट की अधिक जरूरत होती है।

क्या है डेंगू
यह वायरस से फैलने वाली बीमारी है, जो ब्लडस्ट्रीम में सरकूलेट करता है। खास किस्म के ‘एडिज एजिप्टाइज’ मास्कीटो या ‘टाईगर मास्कीटो’ जिसके शरीर पर काली व सफेद धारी बनी होती है के काटने से होता है। अहम बात है कि मादा मच्छर के काटने से ही डेंगू होता है। टांग या बाजू पर सुबह और शाम को ही साधारण तौर पर डेंगू मच्छर काटता है। इसमें मरीज के बल्ड में प्लेटलेट काऊंट कम होने शुरू हो जाते हैं। 40 हजार तक प्लेटलेट रह जाने पर मरीज की जान को भी खतरा हो सकता है।

क्या है चिकनगुनिया
चिकनगुनिया में बुखार रहता है और शरीर टूटने लगता है। इसमें मरीज के हाथ, पैर व शरीर फूलने लगता है। हाथ, पैर में सोजिश आ जाती है और कमजोरी के कारण शरीर की हड्डियों में तेज दर्द रहता है





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