जयपुर. एक के बाद एक हो रही आतंकी घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने देवस्थान विभाग को प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं। मस्जिदों में होने वाली नमाज और दरगाहों पर जायरीनों की अधिक संख्या को देखते वहां अधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है। वक्फ कमेटियों से कहा गया है कि नमाज के दौरान अजनबी लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। मस्जिद या दरगाह के अंदर किसी को भी थैला अथवा अन्य किसी तरह का सामान लाने की इजाजत नहीं दी जाए।
अजमेर में दरगाह बम विस्फोट और पंजाब के लुधियाना में हुए विस्फोट की घटनाओं और सरकार के निर्देशों के बाद देवस्थान विभाग ने ये कदम उठाए हैं। गृह विभाग ने वक्फ बोर्ड और देवस्थान विभाग से कहा है कि वे धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। यदि जरूरत हो तो स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस की मदद भी ली जा सकती है।
जैसे मस्जिदों में शुक्रवार को जुमे की नमाज के वक्त विशेष व्यवस्था कराई जा सकती है। दरगाहों में यदि कहीं उर्स चल रहा हो तो वहां भी पुलिस का खास इंतजाम कराया जा सकता है।
ऐसे होगी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा:
* प्रमुख मंदिरों पर जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाए जाएंगे।
* विस्फोटक पदार्थो को पकड़ने के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे।
* मंदिरों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाएंगे।
* श्रद्धालुओं की जांच और सामान को रखवाने के लिए क्लॉक रूम बनाए जाएंगे।
* अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर दमकल और वाहनों की व्यवस्था रखी जाएगी।
* मस्जिदों में मौलवी अथवा नमाज पढ़ाने के लिए आने वाला व्यक्ति परिसर की गहन जांच करेगा।
* अजनबी नमाजियों पर निगरानी रखी जाएगी।
यहां होगी गहन जांच
जयपुर में मोतीडूंगरी गणोशजी, गोविंददेवजी, बिडला मंदिर। पुष्कर में ब्रrाजी मंदिर। बांसवाड़ा में त्रिपुरा सुंदरी मंदिर। बाड़मेर में नाकोड़ाजी मंदिर। भरतपुर में बिहारीजी मंदिर। बीकानेर में करणीमाता मंदिर। चित्तौड़गढ़ में सांवलिया जी मंदिर। चूरू में सालासर बालाजी। दौसा में मेहंदीपुर बालाजी। जैसलमेर में रामदेवरा, जालौर में सुंडा माता, करौली में महावीरजी, कैलादेवी, मदन मोहन जी मंदिर। पाली जिले के रणकपुर। राजसमंद में श्रीनाथजी, चारभुजा जी मंदिर। सवाई माधोपुर में गणोशजी, सीकर में खाटूश्याम जी, सिरोही में देलवाड़ा, टोंक में कल्याणजी और उदयपुर में केसरिया जी तथा एकलिंगी जी मंदिर।
वक्फ कमेटियां भी करेंगी व्यवस्था:
राजस्थान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलावत खां के अनुसार अजमेर में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, सरवाड़, झुंझुंनू, दौसा, कोटा, कपासन सहित राज्य के सभी की प्रमुख दरगाहों और बड़ी मस्जिदों पर स्थानीय वक्फ कमेटियों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।