कोटा. रामपुरा के आर्य समाज में शुक्रवार को आयोजित विवाह कार्यक्रम में सभी की आंखों में आंसू थे। आमतौर पर शादी जैसे खुशी के माहौल में आंसुओं की कोई
जगह नहीं होती, लेकिन यह शादी हर किसी की भावनाओं को उद्वेलित करने वाली थी। इसमें रिश्तों में खटास और दरार के बाद तलाक ले चुके स्त्री-पुरुष का फिर से मिलन हुआ था।
रीटा परिहार और राजेश वर्मा का दो माह पहले ही अदालत से तलाक मंजूर हुआ था। इस शादी में मौजूद हर व्यक्ति उनके पुनर्मिलन से बेहद खुश था। शादी में उनकी दस वर्षीय बेटी वैभवी भी थी, जिसे सात वर्ष बाद पिता का साथ मिला है।
रीटा ने बताया, उनकी शादी 1995 में हुई थी, लेकिन बाद में आपसी मतभेद और मनमुटाव के कारण उसने अलग होने का निर्णय ले लिया। वर्ष 2001 से तलाक के लिए कोर्ट में केस चल रहा था, जिसका फैसला 23 अगस्त 2007 को हुआ और दोनों को तलाक मिल गया।
अलगाव की कानूनी रेखा खिंचने के बाद उन्हें समझ में आया कि उनसे उनका सब कुछ छिन गया है। जज ने राजेश से कहा था, वह अपनी बेटी से आखिरी बार मिल सकते हैं। उस दिन रीटा-राजेश और उनकी बेटी खूब रोए। बाद में रीटा ने आर्ट ऑफ लिविंग की क्लास में गुरुजी महेश भैया को अपनी परेशानी बताई। वहीं से उनका अहम समाप्त होना शुरू हुआ और फिर से दोनों ने नई शुरुआत करने का फैसला कर लिया।
मेडिकल रिप्रसेंटेटिव राजेश आर्य ने बताया कि आज वे खुशी को शब्दों में बयान नहीं कर सकते। बस इतना ही कि उसे अपनी बेटी और पत्नी मिल गई।