अजमेर. मेयो कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी के ई-मेल की जांच के मामले में पुलिस मुकदमा दर्ज किए बिना इंटरपोल की मदद की हद तक पहुंच गई। घटना
के चौथे दिन पुलिस ने मेयो कॉलेज प्रशासन से लिखित शिकायत मांगी है। इस आधार पर आइटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। हालांकि ई-मेल करने वाले की पहचान दो-तीन दिन में जी-मेल के मास्टर सर्वर की रिपोर्ट से मिलेगी।
एसपी सेंगाथिर ने बताया संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रारम्भिक तौर पर कॉलेज छात्रों को जांच के घेरे में लिया गया है। एफआइआर दर्ज करने के लिए कॉलेज प्रशासन से लिखित में शिकायत मांगी गई है, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज होगा। जी-मेल के कैलीफोर्निया स्थित मास्टर सर्वर से ई-मेल के जरिए यह जानकारी मिलेगी कि धमकी भरा ई-मेल भेजने वाला कौन था और उसने किस कंप्यूटर के जरिए ई-मेल किया है।
इंटरपोल के संदेश का इंतजार
एएसपी ललित माहेश्वरी ने बताया कि सीबीआइ के जरिए इंटरपोल को मामले की जानकारी उपलब्ध करा दी है। पुलिस को इंटरपोल की जांच पूरी होने का इंतजार है। इंटरपोल के अधिकारी ई-मेल करने वाले व्यक्ति का पता लगाकर सीबीआइ को बताएंगे और सीबीआइ पुलिस को। माहेश्वरी ने ई-मेल करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने में चार दिन का समय लगने की संभावना जताई है।