बीकानेर. राज्य सरकार छठे वेतन आयोग पर अपना रुख स्पष्ट करे। यह वेतन आयोग कर्मचारियों के फायदे के लिए है लेकिन सरकार की मंशा इसे समय पर लागू करने की नहीं है।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष ने शुक्रवार को डाक बंगले में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार को चौथे और पांचवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करना चाहिए। छठे वेतन आयोग के संबंध में सरकार पहले ही कह चुकी है कि सिफारिशें लागू करने में पड़ने वाला भार वह सहन नहीं कर सकती।
चौधरी ने केन्द्रीय कर्मचारियों की 30 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखने की घोषणा की है। राज्य सरकार पर समय पर डीए नहीं देकर कर्मचारियों के 23 हजार करोड़ रुपए हजम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा अब तक नहीं की गई है।
निरंतर कर्मचारी विरोधी फैसले किए जा रहे हैं। पेंशन योजना, नई भर्ती नियम और तबादला नीति को स्थगित कर बड़ी संख्या में आर्थिक उत्पीड़न किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तीस अक्टूबर की हड़ताल के बाद राज्य का कर्मचारी वर्ग सरकार के खिलाफ आर-पार का संघर्ष शुरू करेगा। चौधरी ने बताया कि सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति के विरोध में महासंघ ने प्रदेशभर में जिला सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। झालावाड़ में 23, कोटा में 24 तथा 25 को बूंदी में जिला सम्मेलन किए जाएंगे।