News
Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur कोरबा (बालकोनगर). मिली जानकारी के अनुसार बीसीपीपी के फायर ब्रिगेड विभाग का ठेका एडप्रो नामक ट्रांसपोर्टनगर कोरबा स्थित संस्थान को दिया गया है, वहीं दूसरे पावर प्लांट के फायर ब्रिगेड विभाग का ठेका इंडस्ट्रीयल फायर सर्विसेस नामक बड़ौदा (गुजरात) की कंपनी के हवाले किया गया है।
फायर आफिसर के अलावा कार्यरत कर्मचारियों में लीडिंग फायरमेन, ड्राइवर/फायर आपरेटर, मैकेनिक/फायर आपरेटर शामिल हैं। जिन्हें 3450 रुपए से लेकर 6930 रुपए मासिक अर्थात प्रतिदिन 132 रुपए 69 पैसे से लेकर 266 रुपए 53 पैसे की दैनिक मजदूरी पर रखा गया है। इन दोनों ही स्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि वे उन्हें दिए गए पद की पूरी तकनीकी योग्यता रखते हैं, मगर उन्हें वेतन उस अनुरूप नहीं दिया जा रहा है।
बालको इंटक के माध्यम से उन्होंने प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार के सामने अपनी मांग रखी, मगर उसे सिरे से खारिज कर दिया गया। तब उन्होंने अपनी मांगों को मनवाने के लिए अनोखे विरोध का रास्ता अपनाया। पिछले सात माह से वे प्रतिदिन पूरी ईमानदारी के साथ अपनी डच्यूटी कर रहे हैं, मगर उन्होंने वेतन नहीं लिया है।
ठेकेदार उन्हें पूर्व निर्धारित दर से भुगतान करना चाहता है जबकि उनकी मांग वेतन में 45 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। इन्होंने यह भी बताया कि एडप्रो के संचालक नरेंद्रसिंह छाबड़ा ने उन्हें कुछ राशि बतौर एडवांस दी है, जबकि दूसरी ठेका कंपनी इंडस्ट्रीयल फायर सर्विसेस के संचालक बालू नायर की शक्ल भी उन्होंने पिछले सात माह से नहीं देखी है।
उनके इस संघर्ष की जानकारी जब बालको इंटक के पदाधिकारियों को हुई तब उन्होंने न केवल उन्हें नैतिक समर्थन दिया वरन गुजारे के लिए संगठन कोष में से लगभग डेढ़ लाख की राशि भी दी।
विचारधारा गांधीवादी सो आंदोलन भी वैसा ही :
बालको इंटक के महासचिव व्हीके शर्मा से जब इस संबंध में पूछा गया तब उन्होंने बताया कि संगठन के कोष से फायर ब्रिगेड कर्मचारियों और उनके परिवार के गुजारे के लिए लगभग डेढ़ लाख की राशि दी गई है। हमारे संगठन ने प्रबंधन से ऐसी महत्वपूर्ण सेवा में लगे कर्मचारियों को पर्याप्त वेतन और सुविधा देने की मांग की है, ताकि वे आपात स्थिति में पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निर्वहन कर सकें।