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जीभरकर खेला गरबा

ग्वालियर.garba सनसिटी में आयोजित अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में शुक्रवार को गरबा संध्या की मुख्य सांसद यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा मां अम्बे की आरती की गई। उनके साथ आरती में शामिल हुए आनंदमोहन छापरवाल संचालक दीनदयाल सिटी मॉल, सुरेश बंसल कोषाध्यक्ष मप्र चेम्बर आफ कामर्स, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुराग बंसल, संचालक पारस जैन।

शनविार को महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में चिमन भाई मोदी पूर्व महापौर, रमेश अग्रवाल पूर्व विधायक, विमल जैन महासचिव रामलीला समारोह समिति, विजय गोयल सचिव मप्र चेम्बर आफ कामर्स उपस्थित रहेंगे।

सनसिटी, दैनिक भास्कर, माय एफएम, गुजराती समाज द्वारा आयोजित इस गरबा महोत्सव के मुख्य प्रायोजक हैं दीनदयाल सिटी मॉल। इस भक्तिपूर्ण आयोजन में सह प्रायोजक के रूप में जीआईसीटीएस, रिलायंस मोबाइल, पेप्सी सहभागिता कर रहे हैं।

नृत्य में समा गई है आस्था
नृत्य में किस तरह आस्था समाहित की जा सकती है, इसका जवाब मिल रहा है गरबा रिंग में मौजूद युवक-युवतियों को देखकर। यहां हर उम्र के प्रतिभागी हैं, पर सबके चेहरे पर एक-सा भाव दिखलाई पड़ रहा है। मेंच से गायक और वादक कलाकार मां अम्बे की भक्ति से ओतप्रोत ‘नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम, बांहभर चूड़ियां पहनें महाराणी’ जैसे गीत गा रहे हैं।

इन भक्ति गीतों पर आनंदित होकर प्रतिभागी मानो अपने अस्तित्व को बिसरा चुके हैं और नृत्य कर मां अम्बे को प्रसन्न करने की चेष्टा कर रहे हैं। दर्शक भी इस आनंद भाव से अछूते नहीं रह गए हैं, उनके चेहरे पर भी नृत्य का उल्लास है और भीतर वही भक्तिभाव समाहित हो गया है। अनोखा बन पड़ा है, यह दृश्य जहां सब नृत्य में एकाकार किए हुए जा रहे हैं। संगीत भी कुछ ऐसा जोशीला है कि उपासना में कदम थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।

यही तो है कान्हा का गोकुल
भरने लगा है गरबा रिंग। हाथ में डांडिया स्टिक थामकर आने लगे हैं युवक-युवतियां गरबा रिंग में। गुजरात के परिधानों में सजे-धजे यह युवक-युवतियो को देखकर ऐसा लगता है, जैसे मानो वह ठानकर आए हों कि पूरी रात डांडिया खेलते हुए गुजारेंगे।

गूंजने लगा है कान्हा का प्रेम, गीत बनकर। काउंटिंग शुरू हो चुकी है और सुनाई देने लगी है डांडिया स्टिक की खनक। गीत-संगीत और नृत्य सब कृष्णमय-सा हुआ जा रहा है। ‘कान्हा हूं थणो चाहूं’, सुनकर ऐसा लग रहा है, जैसे कृष्ण का प्रेम वातावरण में घुल-मिल गया है। गोपियों के कृष्ण एक थे, पर यहां हर युवक कृष्ण का प्रतिनिधित्व कर रहा है और युवतियां गोपियों का रूप धारण कर चुकी है।

तन-मन कान्हा के रंग में रंग चुका है। प्रतिभागी झूमकर डांडिया खेल रहे हैं और बिखेर रहे हैं उमंग। उनका यह उत्साह देखकर दर्शक भी आनंदित हैं, अभिभूत हैं। यह गरबा रिंग कृष्ण का गोकुल बनता जा रहा है। काउंट डाउन पहुंच चुका है वन से सिक्सटीन तक।





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