बाड़मेर. बाड़मेर में थार एक्सप्रेस के ठहराव के लिए केंद्रीय दल ने अतिरिक्त सचिव सीमा प्रबंधन ए.ई.अहमद की अगुवाई में रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाओं का जायजा
लिया। दल ने बाड़मेर रेलवे स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म पर थार एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान माकूल सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए विचार-विमर्श भी किया।
केंद्रीय दल ने प्लेटफार्म के चारों तरफ मुनाबाव की तरह तारबंदी एवं फाटक लगाने की जरूरत जताई, जिससे थार एक्सप्रेस से पहुंचने वाला कोई यात्री सामान का पैकेट फेंकने के अलावा भाग नहीं सके। थार एक्सप्रेस की आवाजाही के दौरान आमतौर पर ट्रैफिक नहीं होता। ऐसे में केंद्रीय दल का मानना है कि थार एक्सप्रेस को रोकने पर कोई खास दिक्कत नहीं होगी। हालांकि इसके लिए सुरक्षा इंतजाम अवश्य करने होंगे।
केंद्रीय टीम में अति. सचिव सीमा प्रबंधन के अलावा गृह विभाग से बी. वी. गोपीनाथ, बीएसएफ आईजी (आपरेशन) एस. के. दत्ता, ईडीटटी, अति. निदेशक सूचना ब्यूरो एस. के. शर्मा, बीएसएफ डीआईजी संपतसिंह जोधा, कलेक्टर सुबीर कुमार, एसपी डा. नितिनदीप, आरपीएफ के कमाडेंट देव राजकुमार मौर्य, सहायक कस्टम आयुक्त रुचिता विज, कई अधिकारी शामिल थे।
* थार एक्सप्रेस के ठहराव के लिहाज से केंद्रीय दल ने आज जायजा लिया। चूंकि असंभव कोई बात नहीं है। हम यह मानकर चल रहे है कि यहां थार एक्सप्रेस का ठहराव होना है। सुरक्षा के लिहाज से सभी मुददों पर विचार किया गया।
—ए. ई.अहमद, अतिरिक्त सचिव, सीमा प्रबंधन
वापसी में 30 मिनट रोके जाने की जरूरत
थार एक्सप्रेस मुनाबाव जाते समय 15 मिनट एवं वापसी में 30 मिनट तक रोकने की जरूरत केंद्रीय दल ने जताई। इसके अनुसार पाकिस्तान जाने वाले यात्रियों का बाड़मेर पहुंचने से पहले इमीग्रेशन, कस्टम जांच आदि पूरी कर ली जाएगी। 15 मिनट के थार के ठहराव के दौरान इन यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी। इसी तरह वापसी में यात्रियों की जांच आदि में काफी समय लगने की आशंका है। नतीजन थार को बाड़मेर में तीस मिनट तक रोकना तय हो सकता है।