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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
अपनी बीवी दीप्ति और ससुर सीता राम पर बार-बार हमला करने के आरोपी विपिन पर इस बार फिर उनकी कार और स्कूटर जलवा देने के आरोप लगे हैं। इस बार वह पुलिस से फरार नहीं, बल्कि जेल में बंद है, जबकि दीप्ति का आरोप है कि उसके पति की वीरवार को पंचकूला में तारीख थी। इस कारण उनका मानना है कि पति ने पंचकूला में कुछ लोगों को हायर करवा कर इस वारदात को अंजाम दिया।
वीरवार रात करीब १.३0 बजे सेक्टर-३७ए निवासी दीप्ति के घर घुसकर आरोपियों ने घर के अंदर पार्क उनकी कार (एचआर ३डी-२६९७) और स्कूटर (एचआर 0३सी-६८४९) पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी और चलते बने। आग लगते ही कार का टायर बस्र्ट होने से जोर का धमाका हुआ। इससे दीप्ति, उसके परिजन, किराएदार और आसपास के लोगों ने पानी डाल आग पर काबू पाया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों के बयान लिए। दीप्ति के पिता सीता राम ने आरोप लगाया कि पंचकूला कोर्ट में वीरवार पुराने केस में विपिन की पेशी थी और बेल पर सुनवाई। इस दौरान बुड़ैल जेल कर्मी उसे कोर्ट में पेश करने के लिए जेल से बाहर लाए। आरोप है कि इसी दौरान विपिन ने वारदात को अंजाम दिलवाया।
रपट दर्ज, मामला नहीं :
वीरवार देर रात तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। थाना-३९ प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला ने बताया कि उन्होंने वारदात पर रपट दर्ज कर ली है। शुक्रवार को सीएफएसएल टीम अवकाश के कारण नहीं मिली। इस कारण वाहनों की सीएफएसएल जांच नहीं हो पाई।
जल्द सीएफएसएल जांच करवाई जाएगी। हैरत इस बात को लेकर है कि अगले दो दिन भी सीएफएसएल में छुट्टी है। ऐसे में कब जांच होगी, कब रिपोर्ट आएगी और कब होगा मामला दर्ज?
दूसरा पहलू भी..
अगर दीप्ति और उसके पिता के आरोप सही हैं और विपिन ने जेल में बंद होने के बावजूद वारदात को अंजाम दिया, तो मामला गंभीर है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं आरोप झूठे तो नहीं। जानबूझकर आग तो नहीं लगाई गई, ताकि विपिन की जमानत न हो पाए। फिलहाल बिना सीएफएसएल रिपोर्ट के पुलिस किसी पहलू तक नहीं पहुंच पा रही।
यह है विवाद
विपिन और दीप्ति की कुछ साल पहले लव मैरिज हुई थी। बाद में दोनों में डिस्पयूट चला। दीप्ति की शिकायत पर विपिन पर दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद विवाद बढ़ता रहा। कभी विपिन के ऊपर दीप्ति के पिता पर हमले का आरोप लगा, तो कभी कार तोड़ने का। इसी साल विपिन के खिलाफ सात डीडीआर चंडीगढ़ पुलिस में पेंडिंग है।
हालांकि पुलिस ने इनमें से सिर्फ २६ जनवरी को विपिन के खिलाफ आईपीसी की धारा-४५२/३२३/५0६ के तहत मामला दर्ज हुआ। इसके बाद अगस्त में भी विपिन के खिलाफ थाना-३९ में दो क्रिमिनल केस दर्ज हुए। कई दिन की तलाश के बाद २५ अगस्त को पुलिस ने विपिन को पंचकूला से दबोचा था।
>> हम मामले की जांच कर रहे हैं। सीएफएल जांच करवाई जाएगी। विपिन पर ही इस वारदात का आरोप लगा है, जबकि वह जेल में बंद है। जांच की जा रही है कि आरोप सही है या नहीं।
—राजेश शुक्ला, थाना-३९ प्रभारी