हिसार. अर्बन एस्टेट निवासी एक बैंक मैनेजर के परिवार के तीन सदस्यों को बेहोश कर एक अनजान दंपत्ति लाखों के जेवर व नकदी लेकर चंपत हो गया। इस कांड को अंजाम देने वाला दंपति एक कार में यहां आया था।
अर्बन एस्टेट के मकान नंबर 1536 निवासी एवं भारतीय स्टेट बैंक की कैंप चौक ब्रांच के मैनेजर अशोक ठकराल और उनकी मां संतोष ठकराल बेहोशी की हालत में एक निजी अस्पताल के आईसीयू में उपचाराधीन हैं। उनकी पत्नी एवं अग्रोहा गल्र्स सीनियर सेकंडरी स्कूल की प्रिंसिपल उष ठकराल अर्धबेहोशी की हातल में भर्ती हैं। इन तीनों को शुक्रवार सुबह बेहोशी की हालत में नगर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
सिविल लाइन पुलिस ने उषा ठकराल के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक मैनेजर के साले और सेक्टर 13 निवासी डॉ. राकेश झांब ने अपनी अर्धबेहोश बहन से बातचीत के आधार पुलिस को बताया है कि अशोक ठकराल की सोने की चेन व अंगूठी, उनकी मां की सोने की बालियां व कड़े और उषा ठकराल की सोने की चेन, कड़े, बालियां, दो अंगूठी, दो मोबाइल फोन व करीब 90 हजार रुपए की नकदी गायब है।
पुलिस का कहना है कि सारे माल का पूरा ब्यौरा बैंक मैनेजर के परिवार के सभी सदस्यों के होश में आने पर ही मिल पाएगा। डॉ. झांब ने बताया कि उनका भांजा सचिन परिवार सहित गुड़गांव रहता है और भांजी प्रियंका दिल्ली में पढ़ती है।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे अर्बन एस्टेट निवासी उनके बहनोई की पड़ोसन ने फोन कर बताया कि उनकी बहन के घर में सभी बेहोश पड़े हैं। उन्होंने तुरंत वहां पहुंच कर सभी को एक अस्पताल में भर्ती कराया।
उनकी बहन ने अर्धबेहोशी की हालत में उन्हें बताया कि करीब एक साल पहले वैष्णो देवी के दर्शन करके लौटते समय लुधियाना में ट्रेन में एक दंपत्ति से उनकी मुलाकात हुई थी। यह दंपत्ति बीच-बीच में उनसे फोन पर हालचाल जानता रहा।
गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे वह दंपत्ति अपने एक छोटे बच्चे के साथ एक इंडिका में अर्बन एस्टेट स्थित मकान पर आया। उन्होंने माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटने की बात कहते हुए प्रसाद दिया, जो उन्होंने नहीं खाया। उस महिला ने खुद खाना बनाया और परोसा भी। परिवार के लोगों ने खाना खाया और उसके बाद क्या हुआ उन्हें नहीं पता। इस दंपत्ति के बारे में और जानकारी उनके पति ही दे सकते हैं जो फिलहाल बेहोश हैं।