नई दिल्ली.सरकार को दफ्तरों के लिए जगह की भारी कमी का समाना करना पड़ रहा है। शहरी विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले दिल्ली में सरकारी दफ्तरों के लिए 25.90 लाख वर्ग फीट जगह की कमी पड़ रही है। इसके अलावा अन्य मुख्य शहरों में करीब 20.12 लाख वर्ग फीट जगह की कमी पड़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता में सरकारी दफ्तरों के लिए 20 लाख 74 हजार 653 वर्ग फीट जगह की जरूरत है जबकि उपलब्धता केवल 13 लाख 79 हजार 402 वर्ग फीट की है। इसी तरह बेंगलुरु में 31 दिसंबर 2005 तक सरकारी दफ्तरों के लिए पांच लाख 31 हजार आठ सौ दो वर्ग फीट जगह की जरूरत थी जबकि इनकी उपलब्धता केवल एक लाख 71 हजार छह सौ 97 वर्ग फीट थी।
शहरी विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इन शहरों के अतिरिक्त मुंबई (1,70,035 वर्ग फीट), चेन्नई (2,14,366वर्ग फीट), तिरुवंतपुरम (1,07,600 वर्ग फीट) ओर भोपाल (91,43,200वर्ग फीट) में सरकार को दफ्तरों के लिए जगह की कमी सामना करना पड़ रहा है। वहीं फरीदाबाद और गाजियाबाद में सरकारी दफ्तरों के लिए जगहों की कमी नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक आगरा और काचीन में सरकारी दफ्तरों के लिए अतिरिक्त जमीन है। आगरा में 8,157वर्ग फीट और कोचीन में 671 वर्ग फीट जमीन अतिरिक्त है। अधिकारी ने बताया कि सरकार ने कई जगहों पर नए ऑफिस निर्माण करने की स्वीकृति दे दी है फिर भी दफ्तरों के लिए जगह की कमी अभी भी बनी हुई है।