कोलकाता. रिजवान हत्याकांड के सिलसिले में शनिवार को सीबीआई ने विधिवत जांच शुरू कर दी और उस घटनास्थल का मुआयना किया जहां से रिजवान का शव बरामद किया गया था। इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने रिजवान के ससुर उद्योगपति अशोक तोड़ी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
आज जांच शुरू करते हुए विशेष क्राइम ब्रांच के संयुक्त निदेशक अरुण कुमार के नेतृत्व वाली सात सदस्यीय सीबीआई टीम ने शांति कॉलोनी और बिरधान पैली के बीच पतिपुकुर रेलवे ट्रैक का मुआयना किया। कुमार ने मीडिया को बताया कि सीबीआई ने हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक अशोक तोड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और इस एफआईआर को किसी आरोप के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि तोड़ी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में हत्या, आपराधिक षड़यंत्र और हत्या के लिए धमकाने के आपराधिक कृत्य संबंधी धाराएं लगाई गई हैं। इस मामले में संदिग्ध भूमिका वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ कोई केस दर्ज किए जाने के सवाल पर कुमार ने कहा कि उन पर कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।
इसके साथ ही तोड़ी की गिरफ्तारी के बारे में किए गए सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी तो जांच शुरू हुई है।
क्या है पूरा मामला :
लाखों-करोड़ों रुपए के लक्स कोजी कारोबार के प्रमुख तोड़ी की बेटी प्रियंका ने अपने पिता की मर्जी के खिलाफ मुस्लिम युवक रिजवानुर-रहमान के साथ शादी की थी। शादी के एक महीने बाद गत 21 सितंबर को ग्राफिक डिजायनर 30 वर्षीय रिजवान का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। शादी के खिलाफ रहे तोड़ी ने कथित रूप से रिजवान पर पुलिस अधिकारियों की मदद से दबाव बनाया था।
फिर क्या हुआ :
रिजवान हत्याकांड के खुलासे के बाद पश्चिम बंगाल में लेफ्ट सरकार पर खतरे के बादल मंडरा गए थे क्योंकि अब तक वामपंथियों की सत्ता वाले राज्य में सांप्रदायिक विद्वेष का यह पहला बड़ा मामला था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए और यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल सीआईडी जांच अवैधानिक है। इसके अलावा जनआंदोलन के भी दबाव के कारण बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने इस हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका वाले पांच पुलिस अफसरों को हटा दिया। इनमें कोलकाता के पुलिस आयुक्त प्रसून मुखर्जी महत्वपूर्ण नाम है।