मुंबई.
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को सात विकेट से हराकर ट्वेंटी-20 क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम रखी है। द. अफ्रीका में पिछले महीने हुए पहले ट्वेंटी-20 वर्ल्डकप में टीम इंडिया ने खिताब जीता था और टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भी कंगारुओं को रौंदा था। हाल ही संपन्न सात मैचों की वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4-2 से हराया था, जिसके कारण भारत की बादशाहत दांव पर लग गई थी।
ऑस्ट्रेलिया ने कप्तान रिकी पोंटिंग की अर्धशतकीय पारी (76) की मदद से पांच विकेट पर 166 रन का मजबूत स्कोर बनाया। पोंटिंग के अलावा माइकल क्लार्क ने 25 व एंड्रयू सायमंड्स ने 20 रन का योगदान दिया। भारत की ओर से इरफान पठान ने दो व हरभजन सिंह व आरपी सिंह ने एक-एक विकेट लिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने 18.1 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। गौतम गंभीर ने 63 व रॉबिन उथप्पा 35 रन बनाए। सहवाग हालांकि पांच रन पर ही आउट हो गए, लेकिन गंभीर व उथप्पा ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धुनाई जारी रखी। युवराज ने 25 गेंदों पर 31 रन बनाए, जिनमें एक चौका व तीन छक्के शामिल थे।
पुरस्कारों की बौछार
मैन ऑफ द मैच गंभीर को सफेद रंग की कार भेंट में दी गई, जिस पर बैठकर टीम इंडिया ने स्टेडियम का चक्कर लगाया। सबसे किफायती गेंदबाजी (4 ओवर, 17 रन, एक विकेट) करने वाले हरभजन सिंह व सबसे अच्छे फील्डर युवराज सिंह को एक-एक लाख रुपए का नकद इनाम दिया गया। ट्वेंटी-20 क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के लिए युवी को एक लाख रुपए अलग से दिए गए।
घरेलू मैदान पर पहली जीत
भारत में यह पहला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला गया था, जिसमें जीत मेजबान टीम को मिली। ट्वेंटी-20 वल्र्डकप के बाद भी भारत का यह पहला मैच था और उसने अपने जीत के क्रम को बनाए रखा। भारत ने अब तक कुल छह मैच जीत लिए हैं।
सिर्फ टॉस ही जीत सके कंगारू
ऑस्टेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इसके अलावा कंगारुओं के लिए इस मैच में कुछ अच्छा नहीं रहा। पोंटिंग ने हालांकि 76 रन की पारी खेली, लेकिन यह बेदाग नहीं थी। धोनी ने 13वें ओवर में उनका आसान कैच छोड़ दिया। हेडन, गिलक्रिस्ट व सायमंड्स जैसे बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। गेंदबाजी में भी मेहमान खिलाड़ी फिसड्डी साबित हुए तथा क्षेत्ररक्षण से ऐसा कही नहीं लगा कि वे तीन बार के विश्व चैंपियन हैं। उन्होंने 24 रन अतिरिक्त के रूप में दिए।
छठे ओवर में ही मैच खोया
ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय पारी के छठे ओवर में ही मैच पर अपनी पकड़ खो दी थी। ब्रेट ली के इस ओवर में भारतीय बल्लेबाजों ने 20 रन बटोरे और टीम इंडिया का स्कोर 30 से सीधा 50 रन पर जा पहुंचा। यह अंतराल कंगारू आखिर तक नहीं पाट सके।
पाक को चेतावनी
ऑस्ट्रेलिया ने भले ही भारत से वनडे सीरीज जीत ली हो, लेकिन आखिरी दो मैचों (सातवां वनडे व ट्वेंटी-20) में जिस तरह से भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें पटखनी दी, उससे कंगारुओं की विदाई फीकी पड़ गई। टीम इंडिया ने इसके साथ ही चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को भी चेतावनी दे दी है, जो अगले महीने भारत दौरे पर वनडे व टेस्ट सीरीज खेलने आ रहा है।
रिकॉर्ड से चूके पोंटिंग
पोंटिंग ने 53 गेंदों पर 76 रन बनाए और 13 चौके जमाए। वे ट्वेंटी-20 क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक चौके लगाने के हर्शेल गिब्स के रिकॉर्ड से एक कदम दूर रह गए। गिब्स ने वल्र्डकप के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ 14 चौके लगाए थे।
छक्कों का रिकॉर्ड युवी के नाम
आक्रामक बल्लेबाज युवराज सिंह ने ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के क्रेग मैकमिलन (14 छक्के) का रिकॉर्ड तोड़ा। शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध मैच में उन्होंने ब्रेबोर्न स्टेडियम में दूसरा छक्का लगाने के साथ ही मैकमिलन की बराबरी की और तीसरा छक्का लगाकर इस सूची में 15 छक्कों के साथ शीर्ष पर आ गए। तीसरे नंबर पर 13 छक्कों के साथ ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन हैं। पाकिस्तान के इमरान नजीर के खाते में भी 13 छक्के हैं।
शीर्ष पांच बल्लेबाज
बल्लेबाज(देश)- मैच- रन- छक्के
युवराज (भारत)- 7- 179- 15
मैकमिलन (न्यू.)- 8- 187- 14
हेडन (ऑस्ट्रेलिया)- 9- 308- 13
नजीर (पाकिस्तान)- 10- 201- 13
गिलक्रिस्ट (ऑस्ट्रे.)- 11- 246- 12
* ऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर पराजित कर टीम ने साबित कर दिया है कि भारत ने ट्वेंटी-20 वर्ल्डकप तुक्के में नहीं जीता था। हम साबित करना चाहते थे कि हमारा वर्ल्ड चैंपियन बनना महज संयोग नहीं था।
—महेंद्र सिंह धोनी, भारतीय कप्तान
* भारतीय टीम जीत की असली हकदार थी। उनके स्पिनरों ने बीच के ओवरों में काफी बेहतर गेंदबाजी की। हमने अतिरिक्त के रूप में खासतौर पर नो बॉल और फ्री हिट देकर काफी रन लुटाए। भारतीय टीम जीत की हकदार है और वह इस प्रारूप की निर्विवाद वल्र्ड चैंपियन भी है।
—रिकी पोंटिंग, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान