News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. गृह एवं परिवहन विभाग के पास इस बात की शिकायतें लगातार मिल रही हैं कि राज्य शासन की बंदिश का नेताओं पर कोई असर नहीं हो रहा है। कई निगम, मंडल के अध्यक्ष शासन के आदेशों की परवाह न करते हुए अपने शासकीय वाहन में लाल बत्ती लगा रहे हैं।
विभाग के पास शिकायत हैं कि शहर से बाहर प्रवास के दौरान मैग्निेटिक लालबत्ती लगाई जा रही है। राजनांदगांव और रायपुर के एक-दो नेताओं की इस तरह की शिकायत पहुंची है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव एसवी प्रभात ने इसे ध्यान में रखते हुए पात्र लोगों की फिर सूची जारी की है।
गौरतलब है, कुछ समय पहले पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से प्रदेश के नेताओं ने इस बात की शिकायत की थी कि थोक के भाव में बंटी लाल-पीली बत्तियों के दुरुपयोग की वजह से सरकार के प्रति आम लोगों के मन में गलत धारणा बन रही है। श्री सिंह के निर्देश पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने निगम मंडलों के अध्यक्षों को दी गई पात्रता वापस ले ली है।
सीएम के बाद मंत्री ने उतारी लालबत्ती
मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री अजय चंद्राकर ने भी अपने वाहन से लालबत्ती निकाल दी है। श्री चंद्राकर ने कहा कि उन्हें लालबत्ती की कोई चाह नहीं है। उल्लेखनीय है कि लालबत्ती के पात्र लोगों की सूची कम करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने वाहन से लालबत्ती निकाल दी है।
पात्रता
लालबत्ती
राज्यपाल, मुख्यमंत्री, चीफ जस्टिस हाईकोर्ट, विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, मंत्री-राज्यमंत्री, उच्च न्यायालय के जज, नेता प्रतिपक्ष, संसदीय सचिव, मुख्य सचिव, डीजीपी और अग्निशमन वाहन
पीली बत्ती
एडीजी (आपरेशंस), पुलिस महानिरीक्षक (जोन), जिला मजिस्ट्रेट, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पुलिस उप महानिरीक्षक (रेंज), एसपी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
लाल-नीली बत्ती
एडीएम, एसडीएम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), नगर पुलिस अधीक्षक, सिटी मजिस्ट्रेट, नगर निरीक्षक, नेशनल हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ियां और यातायात पुलिस के वाहन।