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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
श्रद्धा और उत्साह में रंगे हुए गरबा महोत्सव की आखिरी रात भी कब गरबा-डांडिया खेलते-खेलते बीत गई, कुछ खबर ही नहीं हुई। गीत-संगीत, नृत्य सबकुछ थम चुका है, पर उत्साह थामे नहीं थम रहा है। गरबा रिंग में मची है धूम। आज न सही स्टेप की चिंता है और न चिंता समय की। बस नाचना है और नाचना है।
सबके अंदर एक ही ख्वाहिश है कि यह गरबा की रात उनकी जिंदगी में यादगार बन जाए। यही वजह है कि आज प्रतिभागी अपनी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जुटे हुए हैं नृत्य करने में। इनका उत्साह इस कदर जान पड़ता है कि शायद यह रात खत्म हो जाए, पर वह थमने वाले नहीं। आखिर पूरे एक साल बाद आएगी यह आस्था और उमंगों वाली गरबा की रात।
सनसिटी में आयोजित अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में शनिवार को गरबा संध्या के मुख अतिथि आईजी देवेंद्र सिंह सेंगर द्वारा मां अम्बे की अराधना की गई। उनके साथ आरती में शामिल हुए अरुण जौहरी क्लस्टर हेड रिलाइंस मोबाइल, ब्रिगेडियर नीरज पाठक, चिमनभाई मोदी, जीआईसीटीएस कालेज के प्राचार्य एएस तोमर। इस अवसर पर सनसिटी के संचालक विष्णु गर्ग भी उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि श्री सेंगर द्वारा महोत्सव के प्रायोजकों को सम्मानित भी किया गया। सनसिटी, दैनिक भास्कर, माय एफएम, गुजराती समाज द्वारा आयोजित इस गरबा महोत्सव के मुख्य प्रायोजक थे दीनदयाल सिटी मॉल। इस भक्तिपूर्ण आयोजन में सह प्रायोजक के रूप में जीआईसीटीएस, रिलायंस मोबाइल, पेप्सी ने सहभागिता की।
बदला है गरबा रिंग का माहौल
आज गरबा रिंग में कुछ अलग ही रंग दिखलाई पड़ रहा है। गीत-संगीत, नृत्य सबकुछ जोशीला-सा हो उठा है। झिलमिलाती हुई लाइटिंग में रंग-बिरंगे परिधानों में सजे हुए युवक-युवतियां गरबा कर रहे हैं। ‘तुझे लागे न नजरिया ओढ़ ले चुनरिया, तिरछी निगाहें तेरी दिल पर गिराए हैं बिजुरिया’, गीत पर प्रतिभागी झूमकर नृत्य किए जा रहे हैं। कदम मानो हवा में तैर रहे हों और शायद कभी थकने वाले नहीं।
दर्शक भी रोमांचित होकर यह दृश्य देख रहे हैं। उनके अंदर भी वही उत्साह दिखलाई पड़ रहा है, जो रिंग में अंदर नृत्य कर रहे प्रतिभागियों के भीतर है। अब सुनाई पड़ने लगा है ‘सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नजर न हम पर डालो’, नृत्य कुछ और गति पकड़ चुका है। कदम कुछ और तेज थिरकने लगे हैं और सारा वातावरण नृत्यमय हो चुका है।
बढ़ता ही जा रहा है रोमांच
घोषणा हो चुकी है डांडिया रास शुरू होने की। चारों ओर एक रोमांच सा छा गया है। प्रतिभागी बिना देर किए अपने डांडिया स्टिक थामकर रिंग में आने लगे हैं। दर्शक भी रिंग के कुछ पास आ गए हैं और नजरें गड़ाए हैं। गजब का एक्साइटमेंट है। शुरू हो गई डांडिया रास की काउंटिंग।
‘कुंजबिहारी पीतांबरधारी मारो घड़ो रोके रे गिरधारी’ की आवाज टकराने लगी है कानों से। खनक उठे हैं डांडिया स्टिक। श्रीकृष्ण के प्रेम की अभिव्यक्ति आज चरम पर है। हाथों में कुछ ज्यादा गति आ गई और चेहरे पर उमंग और उत्साह दोनों हैं। उमंग है कृष्णमय होने की और उत्साह है गरबा की आखिरी रात्रि में जीभरकर डांडिया खेलने का।
काउंट आगे बढ़ता जा रहा है, ‘हे कान्हा हूं थणो चाहूं’ गीत पर प्रतिभागी नृत्य किए जा रहे हैं। रिंग के अंदर का उत्साह हर पल गहराता जा रहा है। सैकड़ों कृष्ण और सैकड़ों गोपियां आज यहां दिखाई पड़ रहे हैं, जिनके चेहरे पर कोई थकावट का नामो-निशान नहीं है। कृष्ण प्रेम का प्रवाह मानो थम ही नहीं रहा हो और कोई अपने आपको बहने से रोकना भी नहीं चाहता।
चारों ओर भीड़ ही भीड़
गरबा महोत्सव की इस आखिरी रात्रि का आनंद लेने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। चारों ओर भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही है। गरबा रिंग के बाहर सैकड़ों की संख्या में दर्शक दिखलाई पड़ रहे हैं, जो शायद यहां गुजरात के रंग में रंगने आए हैं।
आज आडियंस रिंग भी गुलजार नजर आ रहा है और इसमें बड़ी संख्या में युवक-युवतियां डांडिया खेल रहे हैं। गीत-संगीत के साथ वह भी रंगे हैं अपने ही रंग में। चारों ओर छाई है अनोखी मस्ती, जो हर किसी के चेहरे से अभिव्यक्त हो रही है।
आज होगा डिस्को डांडिया
सनसिटी में दशहरा की शाम 7 बजे से जमेगी डिस्को डांडिया की महफिल। ग्वालियर वासियों की विशेष मांग पर होगा एक अनोखा आयोजन, जिसमें फिल्मी गीतों पर होगा अनोखा डांडिया। एक ओर डिस्को डांस की मस्ती होगी तो दूसरी ओर डांडिया का गुजराती रंग।