फगवाड़ा. शुक्रवार को यहां मनोरंजन ड्रामाटिक क्लब की राम लीला में लक्ष्मण मूर्छा के मंचन के दौरान एक अजीब वाकया पेश आया। मेघनाद के शक्ति बाण से
लक्ष्मण सचमुच में मूर्छित हो गए। बेहोश लक्ष्मण को मेघनाद नहीं छोड़ रहा था जिससे हनुमान कूदना पड़ा। लगभग एक घंटे तक लक्ष्मण बेहोश रहे और रामलीला थमी रही। काफी कोशिश के बाद उनकी चेतना लौटी। तब जा कर लोगों की जान में जान आई।
रामलीला देखने आए लोगों की सांसें थम-सी गईं
बेहोश हो गए लक्ष्मण को पिटते देख रामलीला देखने आए श्रद्धालुओं की सांसे कुछ देर के लिए थम गईं। लक्ष्मण को मेघनाद ने मंच पर इधर-उधर पटकना शुरू कर दिया। बार-बार मना करने पर भी जब मेघनाद नहीं माना, तब हनुमान ने उसकी पीठ पर गदा से जोरदार प्रहार किया। इसके बाद मेघनाद लड़खड़ा गया। फिर क्लब के सदस्य लक्ष्मण को मंच से हटा कर एक ओर ले गए। जब काफी देर बार भी लक्ष्मण की मूर्छा नहीं टूटी तो पंडाल में एकदम सन्नाटा छा गया और लक्ष्मण के परिजन भी घबरा गए।
क्लब पदाधिकारियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि भगवान राम के भजन गाएं ताकि कमल कौशल (लक्ष्मण) की मूर्छा टूटे। काफी प्रयास के बाद लक्ष्मण को होश आया तो रामचंद्र जी के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। मुख्य मेहमान निर्मल कौर थी और ज्योति पूजन की रस्म सुभाष भार्गव ने निभाई।
इस अवसर पर चेतन सिंगला, अरुण खोसला, सुख जीवन सिंह, रणदीप सिंह, जोगिंद्र गुप्ता, स्वर्ण सिंह व अन्य शामिल थे।