अजमेर. बॉलीवुड में मुकाबला काफी टफ है। मौजूदा दौर में सस्पेंस और रोमांटिक से ज्यादा दर्शक कॉमेडी के दीवाने हैं इसलिए ये फिल्में घाटे का सौदा नहीं हैं। माया
नगरी में इमेज बनने के बाद मैं कॉमेडियन की छवि से बाहर आने की सोचूंगा। यह कहना है नवोदित फिल्म अभिनेता असलम खान का। वह शनिवार को दरगाह जियारत के बाद खबरनवीसों से मुखातिब थे।
माय नगरी में ‘नई पड़ौसन’ फिल्म से एंट्री करने वाले खान ने कहा कि फिलहाल कॉमेडी का दौर चल रहा है। दर्शक भी अभी सस्पेंस और रोमांटिक फिल्मों की जगह कॉमेडी को तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि जावेद जाफरी के साथ उनकी ‘जैक एंड जॉल’ और नितिन मनमोहन के निर्देशन में बन रही ‘क्रेजी किया रे’ फिल्मों में भी जल्द ही वह कॉमेडियन के रूप में नजर आएंगे। खान ने कहा कि, उनके आदर्श अभिनेता आमिर खान हैं और उनकी तमन्ना रानी मुखर्जी के साथ फिल्म करने की है।
जियारत और पूजा-अर्चना
खान ने टीवी कलाकारों के साथ दरगाह जियारत की। उन्होंने गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर आने वाली फिल्म ‘रफू चक्कर’ की कामयाबी की मन्नत मांगी। उन्हें खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने जियारत कराई। उन्होंने तीर्थराज पुष्कर में जगत्पिता ब्रrा जी के मंदिर के दर्शन भी किए। खान ने साथी कलाकारों के साथ पुष्कर सरोवर की पूजा-अर्चना की और फिल्मी कॅरिअर की सफलता के लिए प्रार्थना की।
दरगाह में बैग बाहर रखना पड़ा
दरगाह जियारत के लिए आए असलम खान और टीवी कलाकारों को सुरक्षाकर्मियों ने बैग बाहर रखने के बाद ही अंदर जाने दिया। खुफियाकर्मियों ने खान की जेबों की तलाशी ली और पर्स भी चैक किया। उनके साथ आई टीवी कलाकार सपना, निराली और पूजा के पास बैग देखकर खुफियाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। खादिम ने जब सामान बाहर रखवाया उसके बाद ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जाने दिया।
पुलिस ने रुकवाई गाड़ी
दरगाह बाजार में जायरीन की भीड़ के चलते पुलिसकर्मियों ने कलाकारों की गाड़ी को देहली गेट पर ही रुकवा लिया। इसके चलते उन्हें पैदल ही दरगाह पहुंचना पड़ा। इस दौरान कुछ प्रशंसकों भी उनके पीछे हो लिए।
अंजाम बुरा होगा
खान ने दरगाह में हुए बम विस्फोट की निंदा की। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों पर आतंकी हमला नहीं करना चाहिए। यहां पर जिसने भी ब्लास्ट किया है, उसका अंजाम बुरा होगा।