कोटा.विजयदशमी पर्व पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन होगा। मेला परिसर स्थित विजयश्री रंगमंच पर शनिवार को काफी मशक्कत के बाद रावण,
कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतले को खड़ा कर दिया गया।
रविवार की शाम 7.45 बजे रावण दहन से पहले गढ़ पैलेस से भगवान लक्ष्मीनारायण की शोभायात्रा भव्य राजसी ठाठबाठ से निकलेगी। उसमें रामलीला का झांकियां होंगी। गढ़पैलेस में पूर्व महाराव बृजराज सिंह, पूर्व महाराज कुमार इज्येराज सिंह तथा जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक परंपरागत वेशभूषा में पूर्व महाराव द्वारा आयोजित दरीखाने में भाग लेंगे। दरीखाना शाम पांच बजे सजेगा। इसके बाद भगवान लक्ष्मीनारायण की शोभायात्रा निकलेगी। इसमें स्काउट-गाइड, सेना के बैंड भी शामिल रहेंगे।
मेले के आयोजक एवं नगर निगम का महापौर मोहनलाल महावर तथा मेला समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी ने बताया कि रावण दहन स्थल पर मुख्य अतिथि सांसद रघुवीर सिंह कौशल, संसदीय सचिव भवानीसिंह राजावत व ओम बिरला, उपमहापौर रविंद्र सिंह निर्भय तथा मुख्य सचेतक रविंद्रसिंह सोलंकी समेत पार्षद शोभायात्रा का स्वागत करेंगे। पूर्व राजपुरोहित द्वारा ज्वारों की पूजा-अर्चना के बाद पूर्व महाराज कुमार इज्येराज सिंह तीर चलाकर रावण की नाभि को भेदेंगे। रावण दहन के बाद भव्य आतिशबाजी भी होगी। रावण दहन के दिन मेला परिसर में हजारों की संख्या में लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए पुलिस तथा प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
घंटों में खड़ा हुआ मिनटों में जलेगा रावण
सबसे ऊंचे (72 फीट) रावण के पुतले को मेला परिसर में खड़ा करने के लिए लगभग 15 घंटे लगे। सुबह छह बजे से पुतले को खड़ा करना प्रारंभ किया गया था। निगम के अधिशासी अभियंता भूपेंद्र माथुर के मुताबिक सबसे पहले कुंभकर्ण का पुतला दोपहर 2.30 खड़ा हुआ। इसके 10 मिनट बाद मेघनाथ तथा शाम 6 बजकर 1 मिनट पर रावण के पुतले को विजयश्री रंगमंच पर खड़ा कर दिया गया। इसके बाद पैर व अन्य चीजें फिट की गईं।
पुतलों को खड़ा करने में लगी टीम
पुतलों को खड़ा करने में 75 लोगों के साथ एक्सईएन भूपेंद्र माथुर, दो एईएन तथा चार जेईएन लगे। इसके अलावा रावण बनाने वाले अब्दुल सत्तार भी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे।
घूमेगा, पलकें झपकेंगी
रावण का पुतला लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस बार पुतले का सिर घूमेगा, तलवार हवा में लहराएगी, पलकें झपकेंगी और रावण अट्टाहास लगाएगा।
15 कलाकारों का घूमर नृत्य
रावण दहन के मौके पर भीलवाड़ा की किंकणी नामक संस्था, जो विकलांगों के लिए कार्य करती है, के 15 कलाकार घूमर नृत्य समेत अन्य प्रस्तुतियां देंगे।