उदयपुर. समाज सेवी महावीर मिंडा का शनिवार को देहावसान हो गया। वे 68 वर्ष के थे। निधन से कुछ समय पूर्व उन्हें दिगंबर जैनाचार्य अभिनंदन सागर महाराज
ने मुनि दीक्षा प्रदान करते हुए श्रेष्ठपुण्य सागर नाम दिया और संल्लेखना दी। प्रभावी वक्ता और सकारात्मक सोच के साथ समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर अवदान करने वाले श्री मिंडा विगत कुछ समय से अस्वस्थ थे।
उनके निधन का समाचार सुनते ही जैन समाज में शोक की लहर व्याप्त हो गई। दिगंबर जैन समाज की ओर से उनकी डोल यात्रा निकाली गई। इस अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में राजनीति, सामाजिक, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य और उद्यमी शामिल हुए। शाम सात बजे गोवर्धन विलास स्थित प्रगति आश्रम व समवशरण उद्यान के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अनुज अजित मिंडा ने मुखाग्नि दी।