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परमाणु करार भारत के लिए पुरस्कार है: बर्न्‍स

वाशिंगटन.अमेरिका के विदेश मामलों के अंडर सेक्रेटरी निकोलस बर्न्‍स ने कहा कि परमाणु क्षमता से संपन्न होने के बावजूद उसका सीमित प्रयोग करने के लिए अमेरिका भारत से परमाणु करार के लिए राजी हुआ। परमाणु करार भारत के लिए एक पुरस्कार है।

बर्न्‍स ने कहा कि ईरान जैसे देशों को इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंेने ईरान पर निशाना साधते हुए कहा यदि आप भारत की तरह नियमों का पालन करते हैं तो आपको पुरस्कार मिलेगा जैसे कि भारत के साथ अमेरिका ने परमाणु करार किया।

यदि आप नियमों के विपरीत जाते हैं इसके लिए आपको दंडित किया जाएगा। आप पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे और आप अलग थलग भी पड़ सकते हैँ। बर्न्‍स ने विदेश मामलों से जुड़े एक मैगजीन में लिखे एक लेख में ये बातें कहीं।

सहयोग बढ़ाने में कारगर होगा करार
बर्न्‍स ने कहा कि भारत के साथ हुआ परमाणु करार अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में भी है। उन्होंने कहा कि यह करार दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ ही वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भारत में अमेरिकी व्यापार को मजबूती प्रदान करने में बेहद कारगर होगा।

ईरान से सावधान रहे भारत
बर्न्‍स ने अपने लेख में कहा है कि भारत को ईरान के साथ लंबी अवधि के संबंधों को लेकर सावधान रहने की जरूरत है।





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