देहरादून. कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के मामले में सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत द्वारा फैसला बुधवार को सुनाए जाने की उम्मीद है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मुख्य आरोपी हैं।
इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस मामले को लखनऊ की जज वीबी रॉय की जिला व सत्र अदालत में सौंपे जाने के बाद से इस मामले से जुड़े 79 गवाह अदालत में हाजिर हो चुके हैं। इस हत्याकांड की तफ्तीश सीबीआई के सुपुर्द रही है।
अदालत ने इस मामले में ट्रायल मार्च में शुरू किया था और इससे पहले मधुमिता के परिजनों ने कहा था कि गृह राज्य में इस मामले की सुनवाई होने से पूर्व मंत्री त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि का प्रभाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
गौरतलब है कि 9 मई 2003 को लखनऊ के एक फ्लैट में मधुमिता शुक्ला की लाश पाई गई थी। इस मामले में प्रमुख गवाह मधुमिता की बहन निधि और नौकर देसराज हैं। इस तरह के आरोप लगाए जा चुके हैं कि मधुमिता का कत्ल त्रिपाठी के साथ प्रेम संबंधों को लेकर हुआ जिस पर त्रिपाठी की पत्नी को आपत्ति थी।