इंदौर. ‘देखिए, यह लाश पटरी के उस पार पड़ी है और यह आपका थाना क्षेत्र है। हम क्यों कार्रवाई करें..?’ ‘जनाब, आप मुझे नहीं सिखाएं और न ही थानों की रेखाएं बताएं। मेरे पास तो हमारे थाने का नक्शा है जिसमें सब क्लियर है। इसलिए हम यह केस नहीं लेंगे।’
मंगलवार दोपहर जूनी इंदौर रेलवे पटरी ब्रिज पर (शमशान घाट के पास) मिली एक लाश को लेकर दो थानों के पुलिसकर्मी करीब पौन घंटे तक इसी जद्दोजहद में लगे रहे। कंट्रोल रूम से पुलिस को सूचना मिली कि पटरी के पास लाश पड़ी है।
इस पर छोटी ग्वालटोली थाने के एएसआई बी.आर. सिसौदिया और सेंट्रल कोतवाली के एएसआई एस.बी.एस. परिहार पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। लाश पटरी के शमशान घाट, वेयर हाउस वाले हिस्से की ओर पड़ी थी। कुछ लोगों ने बताया कि वह हम्माल है। वह अचानक गिरा जिससे उसकी मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे दोनों थानों के पुलिसकर्मी लाश को भूल सीमा को लेकर बहस में उलझे रहे। श्री सिसौदिया व उनके साथियों का कहना था कि लाश पटरी के उस ओर पड़ी है। वह हिस्सा कोतवाली थाना क्षेत्र में आता है।
इधर, श्री परिहार ने तो तुरंत नक्शा मंगाकर दिखाया कि उनके थाने की सीमा में यह लाश नहीं पड़ी है। इसी में पौन घंटा बीत गया और आस-पास मजमा लग गया। बाद में श्री परिहार ने जीरो पर मर्ग कायम कर लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा।
इस संबंध में उनसे पूछे जाने पर कहा कि अभी हमने जीरो पर मर्ग कायम किया है। फिर जिस भी थाने का मामला होगा वहां केस रैफर कर देंगे। इधर, श्री सिसौदिया अभी भी अपने दावे पर अडिग हैं। दोनों पक्षों के बीच चली तकरार के चलते न तो मृतक का हुलिया स्पष्ट हो पाया और न ही उसकी शिनाख्त हो सकी।