जयपुर. भारतीय उपमहाद्वीप का पहला डॉल्फिनेरियम (डॉल्फिन का एक्वेरियम) जयपुर में बनेगा। कांगो में बसे एक भारतीय व्यवसायी (एनआरआई) ने सरकार के
सामने डॉल्फिनेरियम बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसका ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (बीआईपी) के समक्ष प्रजेंटेशन भी हो चुका हैं।
जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त डीबी गुप्ता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक तौर पर स्वीकार कर लिया गया है और जगतपुरा में बनने वाले सेंट्रल स्पाइन में जमीन आरक्षित कर दी गई है। दरों के निर्धारण का मामला सरकार के पास विचाराधीन है।
2 पूल, 1200 लोगों की क्षमता
डॉल्फिनेरियम में दो पूल बनाए जाएंगे। एक पूल शो के लिए और दूसरा डॉल्फिन के आराम करने के लिए होगा। प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद छाबड़ा ने बताया कि दोनों पूल डॉल्फिन के रहने के अनुकूल बनाए जाएंगे। उनमें पानी का तापमान 18-20 डिग्री से कम ही रखा जाएगा। बाद में यहां विभिन्न प्रजातियों की डॉल्फिन भी लाई जाएंगी, जिनमें रिवर डॉल्फिन, कॉमन डॉल्फिन, बॉटलनोज डॉल्फिन और अटलांटिक व्हाइट साइडेड डॉल्फिन शामिल होंगी। शो के लिए डॉल्फिनेरियम के किनारे 1200 दर्शक क्षमता का पैवेलियन बनाया जाएगा।
साथ में फोर-डी थियेटर भी
डॉल्फिनेरियम के साथ एक फोर-डी थिएटर और करीब 300 कमरों का बजट होटल भी बनेगा। बीआईपी को दिए प्रजेंटेशन में डॉल्फिन देखने के लिए 100 रुपए, 80 रुपए और 60 रुपए का टिकिट रखा गया है। इस पर करीब ढाई करोड़ की लागत आएगी और इसकी क्षमता 250 दर्शकों की होगी। यहां रोजाना एक-एक घंटे के में हुए प्रजेंटेशन में एनआरआई ने इस प्रोजेक्ट को मार्च 2010 तक पूरा करने की रिपोर्ट पेश की है।
प्रजेंटेशन देने वाले व्यवसायी हरीश जगतानी ने बताया कि इसके लिए शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया से चार-चार करोड़ की दो डॉल्फिन आयात की जाएंगी।