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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
समाधिया कालोनी में निर्माणाधीन अभियंक विला बहुमंजिला इमारत की अवैध रूप से बनाई गई पांचवीं मंजिल को बारूद के विस्फोट से नगर निगम ने धराशायी करा दिया। बिल्डर को निगम ने चार मंजिला इमारत बनाने की अनुमति दी थी परंतु उसने पांचवीं मंजिल पर भी चार फ्लैट्स का निर्माण कर लिया था।
इस इमारत को तोड़ने के लिए विस्फोट विशेषज्ञ एसबी सर्वटे को विशेष तौर से इंदौर से बुलाया गया। श्री सर्वटे के निर्देशन में दिनभर इमारत के अवैध हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई चली। इस कार्य में निगम के मदाखलत दस्ते ने भी मदद की। मदाखलत दस्ते ने फ्लैट्स की बाहरी और भीतरी दीवारों को हथौड़ों की मदद से तोड़ा। इसके बाद विस्फोट विशेषज्ञ का काम शुरू हुआ। अवैध हिस्से को तोड़ने के लिए तीन हिस्सों में बांटा गया।
पहले सामने के कॉलम्स में विस्फोट किया गया फिर साइड के हिस्सों में और अंत में छत पर विस्फोट कर एक पूरे फ्लोर को धराशायी कर दिया गया। यह कार्रवाई शाम पांच बजे तक चली। इमारत में इस तरह विस्फोट किया गया कि कांक्रीट के टुकड़े उड़कर दूर तक नहीं जाएं। हालांकि इस इमारत का घनी बस्ती में होना विस्फोट विशेषज्ञ के लिए परेशानी का कारण था परंतु उन्होंने सफलतापूर्वक विस्फोट कर इमारत के अवैध हिस्से को धराशायी कर दिया।
इस कार्रवाई में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए निगमायुक्त डा. पवन शर्मा तुड़ाई के दौरान मौजूद रहे। हालांकि बिल्डर की ओर से इस बात का प्रयास किया गया कि किसी तरह इमारत को तुड़ाई से बचाया जा सके। कार्रवाई के दौरान अपर आयुक्त राजेश बाथम, सिटी प्लानर विष्णु खरे, सीएसपी ग्वालियर रायसिंह नरवरिया, सीएसपी लश्कर अमित सक्सेना मदाखलत अधिकारी सत्यपाल सिंह चौहान व बालकदास मौर्य मौजूद थे।
28 किलो विस्फोटक से उड़ाई इमारत
विस्फोट विशेषज्ञ एसबी सर्वटे ने बताया कि अभियंक विला के ढाई हजार वर्गफुट क्षेत्र को विस्फोट के जरिये तोड़ा गया। इसे तोड़ने के लिए 350 छिद्र कर उनमें बारूद की छड़ें भरी गईं। विस्फोट के लिए 28 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। यह कार्य 12 लोगों के दल ने किया जिसमें ड्रिलर, ब्लास्टर और ब्लास्ट हेल्पर शामिल हैं।
आइसोलेशन पद्धति से तोड़ी इमारत
समाधिया कालोनी स्थित अभियंक विला इमारत के अवैध हिस्से को तोड़ने के लिए आइसोलेशन पद्धति का इस्तेमाल किया गया। श्री सर्वटे ने बताया कि ब्लास्ट पूरी तरह से सफल रहे। इस पद्धति में इमारत के मुख्य हिस्से से तोड़े जाने वाले हिस्से को इस तरह अलग किया गया जिससे बिल्डिंग का संतुलन नहीं बिगड़े और पूरी इमारत को नुकसान नहीं पहुंचे।
मलबे से टूटा पड़ोसी का छज्जा
अभयंक विला घनी बस्ती में होने के कारण यहां विस्फोट के बाद इमारत का मलबा पड़ोस के एक मकान के छज्जे पर गिरा जिससे छज्जा टूट गया। इसी तरह विस्फोट के समय एक फीमेल डॉग की भी मलबे में दब कर मौत हो गई।
आज भी लगेगा किसी का नंबर
केवल अभियंक विला ही नहीं शहर की लगभग 16 इमारतों के अवैध हिस्सों को तोड़े जाने की तैयारी नगर निगम ने की है। निगमायुक्त ने दावा किया है कि बुधवार को भी ऐसी ही किसी अवैध इमारत को तोड़ा जाएगा। निगमायुक्त डा. पवन शर्मा ने सिटी प्लानर विष्णु खरे व सबइंजीनियरों के साथ सोमवार की देर रात तक छत्री बाजार, सिटी सेन्टर, थाटीपुर, लक्ष्मीबाई कालोनी, लक्कड़ खाना, शिंदे की छावनी व नई सड़क आदि क्षेत्रों में बन रहीं अवैध बहुमंजिला इमारतों का निरीक्षण किया।
बजता रहा निगमायुक्त का मोबाइल
निगमायुक्त डा. पवन शर्मा के मोबाइल पर दो मंत्रियों समेत कई लोगों के फोन आए परंतु बात नहीं हो सकी।
-बिल्डर तुड़ाई रोकने के लिए राज्य सरकार के मंत्रियों से संपर्क करता रहा परंतु राहत नहीं मिल सकी।
-निगमायुक्त ने कहा तुड़ाई का खर्च भी बिल्डर से वसूला जाए।
-कहीं से राहत नहीं मिलने पर बिल्डर ने अपनी लेबर लगा कर फ्लैट्स के खिड़की दरवाजे निकलवाए।
-बिल्डर ने कहा उसका लगभग 30 लाख रुपए का नुकसान हुआ। निगम चाहता तो समझौता कर सकता था।