अमृतसर. नगर निगम ही नहीं लोकलबॉडी विभाग भी निगमों की आय को लेकर गंभीर हो गया है। यही वजह है कि अभी रिकवरी और बस रिकवरी को ही टारगेट
बनाया जा रहा है। विभागों को डिफाल्टरों की सूचियां बनाने और बकाया राशि के लिए उन्हें नोटिस तक भेजने को कहा गया है। इसके लिए कड़े हथकंडे अपनाने की भी हिदायत दी गई है। काबिले जिक्र है कि विकास कार्यो में निगमों के पास फंड का अभाव आड़े आ रहा है।
निगमों की आय सुधारने के लिए लोकलबॉडी विभाग भी सख्त है। विभाग ने सभी निगमों के कमिश्नरों को पत्र लिखकर हाउस टैक्स, वाटर सप्लाई व सीवरेज की रिकवरी को सूचीबद्ध करने को कहा है। इतना ही नहीं अन्य विभागों को रिव्यू करने की भी हिदायत दी है, ताकि निगम आय के मामले में अपने पैरों पर खड़ा हो सके। निगम कमिश्नर हुसनलाल तो रिकवरी बढ़ाने के लिए अधिकारियों को झाड़ तक लगा चुके हैं।
गंभीर नहीं रहे विभाग
हाउस टैक्स विभाग के अलावा रिकवरी को लेकर कोई विभाग गंभीर नहीं रहा है। यहां तक की बिल्डिंग विभाग का वार्षिक टारगेट दो करोड़ का है। विज्ञापन, लैंड और लाइसैंस विभाग के टारगेट भी अपेक्षाकृत काफी कम हैं। अगर इन सभी विभागों का निगम रिव्यू करती है तो लाखों की आय का इजाफा हो सकता है।
रिकवरी में सरकारी संस्थान बन रहे हैं बाधा
रिकवरी में सबसे बड़ी बाधा सरकारी संस्थान हैं। कई विभागों ने लाखों रुपए सरकारी अदारों से लेने हंै। सरकारी अदारों से रिकवरी को लेकर कोई प्रयास करने की बजाए विभागों ने इन्हें डैड रिकवरी में डाल रखा है। अब लोकलबॉडी विभाग की सख्ती के बाद सभी विभागों को रिव्यू करने की योजना बनाई जा रही है।
निगमों की आय बढ़ाने को लेकर
* सरकार गंभीर है। आय के साधनों और नई योजनाओं पर विचार चल रहा है। विशेषकर विभागों को रिव्यू करने से अभी तक की चल रही अनियमितताएं दूर होंगी और निगमों की आय में बढ़ौत्तरी होगी।
-श्वेत मलिक, मेयर
* रिकवरी के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। रिकवरी बढ़ाने के लिए सभी विभागों की लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। इसके सार्थक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।
— हुसनलाल, कमिश्नर नगर निगम