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अफसरों ने की शांति की अपील

भोपाल.

एक परिवार के तीन सदस्य गिरफ्तार
बाग मुगालिया इलाके में सोमवार को डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने वाले एक व्यक्ति और उसकी पत्नी व बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर मंगलवार को अदालत में पेश किया था। अदालत ने आरोपियों को पंद्रह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

वहीं जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने दिन में स्थानीय लोगों से चर्चा कर इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। जिला प्रशासन ने डा. आंबेडकर की प्रतिमा लाने के लिए टीमें नागपुर और ग्वालियर भेजीं हैं।

सोमवार को बाग मुगालिया स्थित दीक्षा नगर में डा. आंबेडकर की प्रतिमा खंडित होने से नाराज स्थानीय लोगों ने पीएचई में ड्राइवर भोलाराम अहिरवार और उसके दामाद पर्वत सिंह के घर तोड़फोड़ कर आग लगा दी थी।

भीड़ ने मौके पर पहुंचे पुलिस बल पर पथराव कर आधा चीता मोटर साइकिल और जीप में तोड़फोड़ की थी। भीड़ का यह उपद्रव करीब तीन घंटे चला था। इस हंगामे में तीन दर्जन लोग घायल हुए थे। जिसमें पुलिस के अफसर समेत बीस जवान भी शामिल हैं। इस घटना के समय एसडीएम राजेश ओगरे भी वहां उपस्थित थे।

पुलिस ने प्रतिमा खंडित करने के मामले में भोलाराम, पानबाई, उनके बेटे मुकेश और पर्वत सिंह के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मंगलवार को भोलाराम, पानबाई और मुकेश को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें पंद्रह दिन का न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

वहीं पुलिस ने भोलाराम के घर में आगजनी, तोड़फोड़, पथराव, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में आरके महाले, रामानंद यादव, मिलिंद, राहुल, प्रभु, सुनील, भारत, पुष्पा, शीला इंगले, संगीता और चार सौ अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

इस मामले में पुलिस ने अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है। मंगलवार को एसडीएम राजेश ओगरे और एसडीओपी राजेश सिंह भदौरिया ने बाग मुगालिया के सोलह एकड़ क्षेत्र में बसी बस्ती के स्थानीय नेताओं और रहवासियों से चर्चा की।

अधिकारियों ने लोगों से इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इस दौरान बौद्ध गुरू भंत्तेजी भी उपस्थित थे। उन्होंने भी अपने विचार व्यक्त किए। एहतियात के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।





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