भोपाल.
राज्य शासन ने मंगलवार को करीब एक दर्जन आईएएस अफसरों की पदस्थापना में फेरबदल कर दिया। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव पुखराज मारू को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एवं भोपाल-होशंगाबाद संभाग का कमिश्नर बनाया गया है।
बीआर नायडू को इस पद से अब स्वास्थ्य आयुक्त पदस्थ किया गया है। राजस्व मंडल ग्वालियर के प्रशासनिक सदस्य देवेंद्र सिंघई राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। जबकि स्वास्थ्य आयुक्त राजेश राजौरा अब गृह विभाग में सचिव बनाए गए हैं।
सात साल में सातवें कमिश्नर हैं मारू
इस ताजा फेरबदल को लेकर प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि प्रमुख सचिव पुखराज मारू को राजस्व मंत्री कमल पटेल से पटरी नहीं बैठने की वजह से हटाया गया। प्रमुख सचिव रहते श्री मारू के अधीन सभी संभागीय कमिश्नर थे अब वे खुद कमिश्नर बना दिए गए हैं। इसे एक तरह से उनकी पदावनति माना जा रहा है,लेकिन नई जिम्मेदारी मिलने से वे खुश है।
वे वर्तमान में संभाग आयुक्त पद पर प्रमुख सचिव स्तर के अकेले अधिकारी होंगे। हालांकि भोपाल कमिश्नर पद प्रशासनिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। संभवत: भोपाल नगर निगम के भाजपा पार्षदों के अयोग्यता संबंधी प्रकरण के चलते श्री नायडू को हटना पड़ा है। स्वास्थ्य आयुक्त पद से डा. राजेश राजौरा की विदाई के पीछे पिछले दिनों दवा खरीदी से लेकर डा. योगीराज शर्मा के यहां पड़े आयकर छापे से महकमे की छवि खराब होना बताया जाता है।
अब डा. राजौरा को सख्त अफसर अतिरिक्त मुख्य सचिव विनोद चौधरी के साथ काम करना होगा। मजेदार बात ये है कि डा. मारू को मंत्री से तालमेल न होने की वजह से हटना पड़ा तो डा. राजौरा की पदस्थापना बदली जाने में उनका मंत्री से अच्छा समन्वय भी एक कारण रहा है। गृह विभाग के सचिव पद से एसडी अग्रवाल को हटाए जाने के बारे में समझा जाता है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री चौधरी को उनकी कार्यशैली रास नहीं आ रही थी।
हालांकि श्री चौधरी ने इस पद के लिए नए अधिकारी को लेकर अपनी पसंद जाहिर नहीं की थी। सामान्य प्रशासन विभाग से डीएस राय की हटने की मुराद तो पूरी हो गई लेकिन नई पदस्थापना उनके मनमाफिक नहीं हो पाई। श्री राय संभाग आयुक्त या किसी अन्य महत्वपूर्ण पद पाने के लिए लंबे अर्से से प्रयासरत थे।
उनका पुनर्वास एनवीडीए में सदस्य पुनर्वास के रूप में हुआ। एक माह पहले सड़क विकास प्राधिकरण के सीईओ से हटाकर आयुक्त भू-अभिलेख ग्वालियर बनाए गए अशोक शाह को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बनाए रखने में अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदीप भार्गव सफल रहे।
पहले तो उन्होंने श्री शाह को रोकने की कोशिश की जब यह नहीं हो पाया तो उन्होंने नया पद कायम कर उस पर श्री शाह को पदस्थ करवा लिया। गौरतलब है कि श्री शाह तबादला होते ही छुट्टी पर चले गए थे। समझा जाता है कि दूसरा सचिव आने से ग्रामीण विकास सचिव वसीम अख्तर की ताकत कम होगी।