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वीसी का हिट शो

बिलासपुर. vc कांग्रेस में वापसी के बाद पहली बार शहर पहुंचे विद्याचरण शुक्ल के मंगलवार को हुए स्वागत ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। दोपहर 12.25 बजे छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस जब प्लेटफार्म पर आकर रुकी, तो समर्थकों का उत्साह दुगुना हो गया।

माला पहनाने की होड़ में 20 मिनट तक तो वे ट्रेन से ही नहीं उतर पाए। प्लेटफार्म से बाहर आने में उन्हें लगभग एक घंटे का समय लगा। इसके बाद शहर में लगभग साढ़े सात घंटे तक सिर्फ उनका स्वागत ही होता रहा।

वीसी की कांग्रेस वापसी का उनके समर्थकों को कितनी बेसब्री से इंतजार था, यह आज उनके यहां पहुंचने पर साबित हो गया। पूरे शहर को जिस तरह पोस्टर, बैनर, स्वागत द्वारों से पाट दिया गया, आमतौर पर किसी नेता के आने पर कम ही होता है।

स्टेशन से लेकर कांग्रेस भवन तक कांग्रेस नेताओं के जाने के लिए जो रास्ता तय किया गया था, उसमें पूरी तरह से वीसी समर्थकों का कब्जा था। पूरे रास्ते में डेढ़ सौ से ज्यादा स्वागत द्वार थे और सड़क के दोनों ओर, बीच में लगे खंभो, डिवाइडर और चौराहों को पोस्टर, बैनर, झंडियों से पाट दिया गया था। स्टेशन के सामने चौराहे पर वीसी, महंत, अशोक अग्रवाल के आदमकद होर्डिग लगाए गए थे।

स्टेशन से बाहर बनाए गए पंडाल में वीसी ने कार्यताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि रायपुर के बाद यहां हुए स्वागत से वे अभिभूत हैं। उन्होंने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वालों से पार्टी को बचाने का आह्वान किया।

महंत और कर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सोनिया के निर्देशानुसार सबको मिलकर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है। इसके बाद सजे हुए खुले ट्रक में वीसी की शहर के लिए यात्रा शुरू हुई। रास्ते भर उनका आतिशबाजी, पटाखों, फूलों और बाजों के साथ उनका अभूतपूर्व स्वागत हुआ।

कांग्रेस से हर स्तर पर दूर किए जाएंगे अवांछित तत्व: वीसी
पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल ने कहा है कि कांग्रेस में जिस स्तर पर भी अवांछित तत्व हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने देश और प्रदेश में पार्टी की स्थिति सुधारने और सत्ता में दोबारा वापसी के लिए एकता पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। कांग्रेस के जिला सम्मेलन में शामिल होने के बाद श्री शुक्ल छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के विकास के लिए काम किया जाएगा। साथ ही पार्टी की केंद्र और राज्य में वापसी के लिए अगले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पूरा प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पहले की सभी बातें भूलकर उन्हें व अरविंद नेताम को कांग्रेस में प्रवेश दिलाया है। उनकी और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर वे पूरी तरह खरे उतरेंगे।

उन्होंने कहा कि पार्टी में एकता के लिए हर तरह से प्रयास किए जाएंगे। सामने वालों से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद भी पूरे मजबूत इरादों से यह प्रयास चलता रहेगा। आज जो लोग इन प्रयासों में रुचि नहीं ले रहे हैं, देश और कांग्रेस की स्थिति समझकर वे भी देरसबेर इसमें शामिल होंगे। जिला कांग्रेस के सम्मेलन में जिले के विधायकों के शामिल न होने पर उन्होंने कहा कि उनकी कठिनाइयां समझकर उन्हें दूर किया जाएगा।

सोनिया के निर्णय का विरोध नहीं करेंगे जोगी
एक सवाल के जवाब में श्री शुक्ल ने कहा कि उन्हें श्रीमती सोनिया गांधी ने कांग्रेस में प्रवेश दिया है। उम्मीद है कि अजीत जोगी श्रीमती गांधी के निर्णय का विरोध नहीं करेंगे और मिलजुलकर काम करेंगे।

सत्ता पाना है तो हर हाल में होना होगा एक
कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में वक्ताओं को संबोधन के बाद मुख्य रुप से यही बात सामने आई कि अगर पार्टी को राज्य में दोबारा सत्ता पाना है, तो मिल-जुलकर काम करना पड़ेगा। अगर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई, तो इसका नुकसान भी पार्टी को उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए।

दोपहर लगभग तीन बजे से रात 8.30 तक चले कांग्रेस के जिला सम्मेलन को महंत, कर्मा, वीसी सहित 116 वक्ताओं ने संबोधित किया। इनमें जिला और ब्लाक स्तर के पदाधिकारी और कांग्रेस नेता शामिल थे। सबकी बातों का निचोड़ यही था कि गुटबाजी और अलग-अलग चलने की नीति का नुकसान अंतत: पार्टी को ही हुआ है।

सम्मेलन की शुरुआत में ही जिला कांग्रेस कमेटी ने आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया। इसमें कहा गया है कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है, लेकिन राज्य में केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही, हर क्षेत्र में बढ़ते भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और स्वार्थ प्रेरित राजनीतिक गतिविधियों से प्राकृतिक संपदा से संपन्न इस प्रदेश के निवासी बदहाली का जीवन जीने को मजबूर हैं।

इस स्थिति में अंकुश लगाने के लिए कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे लोगों के बीच जाकर उन्हें इस सरकार की असलियत बताएं। प्रस्ताव में जिन प्रमुख बातों की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया है, उनमें बिजली कटौती के कारण किसानों को होने वाले नुकसान, केंद्र द्वारा स्वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम के लिए 1268 करोड़ की राशि मिलने के बाद भी गांवों में अंधेरा है।

जोगी समर्थक नदारद:
शुक्ल से स्वागत से लेकर सम्मेलन में भी एक भी विधायक और जोगी समर्थक शामिल नहीं हुए। इसी तरह अब तक श्री शुक्ल की वापसी की वकालत करती रहीं सांसद श्रीमती इंग्रिड मैक्लाउड की गैर मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही।

विधायकों की अनुपस्थिति के सवाल पर संगठन के नेताओं ने सफाई दी कि यह कार्यकर्ताओं का सम्मेलन है, विधायकों का नहीं। वहीं दूसरे नेताओं की अनुपस्थिति पर उनका कहना था कि सबको सूचना दी गई थी, अगर वे उपस्थित नहीं होते, तो खुद जिम्मेदार हैं।

तीन आदिवासी एक हो जाएं तो..
श्री मंहत ने अपने संबोधन के दौरान प्रदेश के राजनीतिक और वोटों के समीकरण पर चर्चा करते हुए कहा कि नेताम की वापसी के बाद कांग्रेस में श्री जोगी और श्री कर्मा को मिलाकर तीन आदिवासी हो गए हैं, अगर तीनों एक हो जाएं, तो प्रदेश की पूरी आदिवासी सीटों पर कांग्रेस का कब्जा होगा।

इसी तरह उन्होंने पिछली बार सात प्रतिशत सामान्य वोट कांग्रेस के कटने का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री शुक्ल की वापसी से ये वोट भी कांग्रेस के पक्ष में होंगे। उन्होंने अनुसूचित जाति वोटों को कांग्रेस के परंपरागत वोट बताते हुए उनके लिए कांग्रेस नेताओं को और प्रयास करने की जरुरत बताई।





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