अजमेर. अंजुमन मिनहाज-ए-रसूल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अतहर अली देहलवी ने ख्वाजा साहब की दरगाह में हुए बम विस्फोट की जांच पर असंतोष जताते हुए
सीबीआई से जांच कराने की मांग की। उन्होंने दरगाह व पुष्कर के धार्मिक महत्व को देखते हुए जिले को ड्राई एरिया घोषित करने की भी मांग की। छह महीने में जिले को ड्राई एरिया घोषित नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
मौलाना देहलवी मंगलवार को दरगाह जियारत के बाद सर्किट हाउस में खबरनवीसों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर विस्फोट को देश के धार्मिक व सामाजिक ताना-बाना को तोड़ने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि 2003 में प्रभनी की मस्जिद में सबसे पहला बम धमाका हुआ, इसके बाद नांदेड़, मालेगांव, दिल्ली की जामा मस्जिद, मक्का मस्जिद, अक्षरधाम और वाराणसी समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने जांच एजेंसियों से इन सभी बम विस्फोट की घटनाओं को एक साथ जोड़ कर जांच किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर इन विस्फोटों की ठीक दिशा में जांच की गई तो तार पाकिस्तान की आइएसआइ और इजरायल की मौसाद के साथ जुड़े नजर आएंगे।
उन्होंने जांच के नाम पर मुसलमानों का उत्पीड़न बंद नहीं करने पर सेक्युलर सोच वाले नागरिकों के साथ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ‘पिलग्रिम टूरिज्म’ के नाम पर पुष्कर और दरगाह के आसपास के क्षेत्र में नशे के अड्डे बनते जा रहे हैं। इन स्थलों के धार्मिक महत्व को देखते हुए उनका संगठन जिले को सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग करता है।
सनसनीखेज नहीं बनाएं
मौलाना देहलवी ने कहा कि जांच के नाम पर हिरासत में लिए जाने वाले मुसलमानों के बारे में कई बार भ्रामक जानकारी दी जाती है। ऑस्ट्रेलिया में मोहम्मद हनीफ को गिरफ्तार किया गया तो सनसनीखेज बनाने के लिए उसे आतंकी तक घोषित कर दिया। अब ऑस्ट्रेलिया सरकार ही हनीफ को सम्माननीय शहरी का सम्मान दे रही है।