अजमेर. टाडा अदालत ने आतंकी सुखजीत उर्फ सुक्खा को मंगलवार को पांच साल तीन माह के कैद तथा एक हजार रुपए जुर्माने की सजा दी है। न्यायाधीश उमेश
कुमार शर्मा ने सुक्खा को टाडा एक्ट की धारा 3 (3) के दोषी मानते हुए सजा सुनाई। सुक्खा ने सोमवार को अदालत के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था। कल ही सुक्खा का बयान दर्ज करने वाले जोधपुर के तत्कालीन सहायक कलेक्टर मांगीलाल गहलोत ने भी बयान दर्ज कराए थे।
सुक्खा को अगस्त 93 में जोधपुर पुलिस ने पाकिस्तान से हथियार लाकर आतंकवादियों को सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार कर अजमेर के केन्द्रीय कारागृह में रखा गया था।
जेल में रहा सजा से अधिक
सुक्खा को अदालत ने पांच साल तीन माह के कैद की सजा सुनाई है, जबकि वह सन् 1993 में गिरफ्तारी के बाद जेल में पांच साल 3 माह 16 दिन रह चुका है।
टाइम बम डिवाइस हुआ था बरामद
सुक्खा को जोधपुर उदय मंदिर थाना पुलिस ने सन् 1993 में पकड़ा था। उसके पास से टाइम बम की दो डिवाइसें बरामद की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ पाकिस्तान से हथियार लाकर आतंकवादियों को सप्लाई करने तथा विस्फोटक कब्जे में रखने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने टाडा की धारा 3(3) के तहत वर्ष 1996 में चार्ज लगाया था।
एक और आतंकी की तलाश
इसी मामले में फरार आतंकी जसविंदर सिंह उर्फ जस्सा पंजाब के श्री हरगोविंदपुरा थाना क्षेत्र का निवासी है। एक सरपंच से मारपीट के मामले में हर गोविंदपुरा पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। जोधपुर पुलिस का दल पंजाब पुलिस को तहरीर देकर आया है कि जस्सा वांछित टाडा बंदी है। उसके मिलने पर सूचना दी जाए।
पंजाब से गिरफ्तार
जमानत पर रिहा होने के बाद से सुक्खा अदालत की तारीख पेशी पर अनुपस्थित रहा। उसे जोधपुर पुलिस ने पंजाब के बटाला से गिरफ्तार कर 4 सितंबर को अदालत के समक्ष पेश किया। तब सुक्खा का जुर्म स्वीकार करने के लिए अर्जी लगाने का मानस था। मामले की सुनवाई के 47 वें दिन उसने मुलजिम बयान में जुर्म स्वीकार कर लिया और एक दिन बाद ही उसे सजा सुनाई गई।